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वैद्य कोयला यार्ड में अवैध कोयला भण्डार।

ब्यौहारी पुलिस द्वारा 1000 टन अवैध कोयला जप्त।

भंडारण क्षमता से अधिक कोयला के नहीं मिला कागजात।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय जिले में अवैध खनिज कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना ब्यौहारी पुलिस प्रशासन को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम टिहकी स्थित पाण्डेय ब्रदर्स के कोयला यार्ड में अवैध रूप से खनिज कोयला संग्रहित किया गया है।

सूचना पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया, जहां लगभग 1000 टन कोयला संग्रहित पाया गया। 

मौके पर उपस्थित मैनेजर भूपेन्द्र तिवारी पिता भोला प्रसाद तिवारी, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम टिहकी थाना ब्यौहारी से कोयले के संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु कहा गया, किन्तु उनके द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

कोयले के वैध स्वामित्व एवं भंडारण के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने तथा चोरी अथवा अवैध खनिज होने की आशंका के आधार पर पुलिस द्वारा गवाहों की उपस्थिति में बी.एन.एस.एस. के तहत लगभग 1000 टन कोयला जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया।

जप्तशुदा कोयला सुरक्षार्थ यार्ड में रखा गया है एवं नियमानुसार कार्यवाही की गई।

जिला पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक हजार टन कोयला जब्त किया है। जब्त किए गए कोयले की कीमत लगभग 45 लाख रुपये बताई जा रही है। टिहकी स्थित एक कोल यार्ड में पुलिस ने दबिश देकर कोयले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की लेकिन मौके पर वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद पुलिस ने कोयला जब्त कर जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई से क्षेत्र के कोयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया है कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कोयला कारोबारियों और खनन माफियाओं में हड़कंप मचा है।

थाना प्रभारी के नेतृत्व में यार्ड में रेड, नहीं मिले वैध कागज।

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के टिहकी गांव में संचालित एक कोल यार्ड में पुलिस ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी ज्याउल हक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यार्ड में खुले मैदान में रखे भारी मात्रा में कोयले की जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान पुलिस ने कोयले के भंडारण और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेजों की मांग की लेकिन मौके पर मौजूद संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

1000 टन कोयला जब्त

दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर पुलिस ने मौके पर रखे लगभग एक हजार टन कोयले को जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कोयले की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और कोयले के स्रोत सहित उससे जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

ऋषभ पाण्डेय के नाम पर है लाइसेंस, फिर भी कोयला भंडारण क्षमता से अधिक संदिग्ध

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संबंधित कोल यार्ड का लाइसेंस ऋषभ पाण्डेय के नाम पर है। हालांकि लाइसेंस होने के बावजूद जब्त कोयले से संबंधित वैध दस्तावेज अभी तक प्रस्तुत नहीं किए जा सके हैं। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जिले में खनिज माफियाओं पर कस रहा प्रशासन का शिकंजा।

गौरतलब है कि इन दिनों शहडोल जिले में खनिज विभाग और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान चला रहे हैं। जिले में लगातार अवैध रेत, कोयला और अन्य खनिजों के परिवहन एवं भंडारण पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की लगातार सख्ती से अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के बीच बेचैनी बढ़ गई है और खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

इस पूरे मामले में ब्यौहारी थाना प्रभारी ज्याउल हक ने जानकारी देते हुए बताया कि टिहकी में स्थित कोल यार्ड के फील्ड में पड़े कोयले संबंधी दस्तावेजों की मांग की गई थी लेकिन उनके द्वारा अभी तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जा सका। जिस पर लगभग 1 हजार टन कोयला जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 45 लाख के आसपास है जप्त कर कार्यवाही की गई है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है।


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