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हमारा सनातन धर्म कभी द्वेष ,हिंसा, नफरत फैलाने का काम नहीं करता।

करुणा, दया, प्रेम, श्रद्धा, स्नेह, संस्कार का अर्थ है हिन्दुत्व -- स्वामी अनुरागाचार्य जी महाराज।

जहाँ नारी और प्रकृति की पूजा होती है ,वह देश महान होता है।

देश को कमजोर कर‌ने के लिये समाज विभाजन की साजिश।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय जिला नगर और जिला के साथ सभी क्षेत्रों एवं मुख्यालय के सभी जिला के सभी नगर में आज मनुष्य का जीवन सबके कल्याण के लिये है। हमारा सनातन धर्म कभी द्वेष ,हिंसा, नफरत फैलाने का काम नहीं करता। समाज की एकजुटता और देश की मजबूती के लिये यह आवश्यक है कि हम सबके प्रति प्रेम सेवा, समान व्यवहार, सभी की सेवा , कल्याण का भाव रखना चाहिए । जैतहरी के समीप खूंटाटोला स्थित सिद्धबाबा मे 24 जनवरी, शनिवार को आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्माचार्य अनंत श्री विभूषित स्वामी अनुरागाचार्य जी महाराज ने

सामाजिक समरसता के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि जाति वर्ग भेद, ऊंच - नीच की कटुता समाज को कमजोर करती है। हमेंअपने सनातन धर्म का पालन करते हुए गौ सेवा ,

दीन दुखियों की सेवा करनी चाहिए। हम अपनी परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। जाति पंथ ,भाषा ,प्रांत के नाम पर राजनीति के लिये समाज का विभाजन गलत है। हमें पर्यावरण संरक्षण के लिये जल का अपव्यय रोकना होगा। अधिक से अधिक 

वृक्ष लगा कर उन्हद संरक्षित करना होगा। हमे उन्नत समाज के निर्माण मे सहयोग करने के लिये अपने बच्चों को उत्तम शिक्षा और संस्कार देना होगा।

स्वामी जी ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जन समुदाय को एक - एक पौधा लगाने और उसे संरक्षित करने का संकल्प दिलाया।

अनूपपु्र जिले मे 75 हिन्दू सम्मेलनों की श्रंखला मे खूंटाटोला मे आयोजित हिन्दू सम्मेलन के मुख्यवक्ता श्री राजेन्द्र तिवारी ने कहा कि हम सभी लोग अलग - अलग पूजा पद्धति से अलग - अलग देवी देवताओं की पूजा करते हैं। लेकिन सबका मूल सनातन ही है। अन्य धर्म , पंथों की स्थापना हजार - दो हजार वर्ष पहले हुई होगी लेकिन हमारा सनातन धर्म युगों - युगों से चला आ रहा है। हम सबके जन्म लेने की विधि एक है इसलिये हम सभी इंसान आपस मे भाई - बहन हैं ।

हम सब एक हैं। हमारे देश मे युगों - युगों से नारी की पूजा होती है। नदी ,पहाड, वृक्ष, अग्नि, धरती, आकाश की पूजा होती है। जिस देश मे नारी और प्रकृति की पूजा होती है, वह देश महान होता है। जो धारण करने योग्य है वही धर्म है और यही हिन्दुत्व हैं करुणा, दया, प्रेम, श्रद्धा, स्नेह, संस्कार का अर्थ है हिन्दुत्व हम सबकी जाति एक है हिन्दु।

इससे पहले विशिष्ट वक्ता के रुप में इन्द्रवती जी ने पर्यावरण संरक्षण की अपील की । 

कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए जिला पंचायत सदस्य रंजीत सर्राटी ने कहा कि कुछ देश विरोधी ताकतें हमारी भारत माता को कमजोर करने के लिये हमारी एकता को खंडित करने की लगातार साजिश कर रही हैं। वो हमारी परंपराओं, हमारी मान्यताओं, हमारे धर्म ,हमारी शिक्षा पद्धति, हमारे स्वाभिमान पर लगातार हमले कर रही हैं। ऐसे लोगों से हमे सतर्क रहने और एकजुटता बनाए रखने की जरुरत है।

इससे पहले कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मनोज द्विवेदी, श्यामलाल जी, ठाकुर सिंह मसराम, पुरुषोत्तम केवट, संचालन समिति के खण्ड संयोजक समाजसेवी गोविन्द सिंह राठौर के साथ हजारों लोगों की उपस्थिति में भारत माता की आरती एवं गुरु वंदना की गयी । कार्यक्रम के अंत मे  चोलना, खूंटाटोला, जरियारी, बीड, पोंडी, खोडरी, धनगंवा सहित आसपास के कई गांव के हजारों लोगों ने सामाजिक समरसता भोज मे हिस्सा लिया।

हिन्दू सम्मेलन।



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