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वन परिक्षेत्र बिजुरी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ रेंजर वन मण्डल धिकारीजीरो टॉलरेंस की नीति ने माफियाओं की कमर तोड़ा।

बिजुरी में रेंजर की सख्ती से रेत माफिया पस्त: अब कार्यालय का घेराव कर झूठे केस में फंसाने की साजिश।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय जिला अनूपपुर बिजुरी वन परिक्षेत्र बिजुरी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ रेंजर वन मण्डलधिकारी पवन ताम्रकार की जीरो टॉलरेंस की नीति ने माफियाओं की कमर तोड़ दी है। अपनी गाड़ियां पकड़े जाने से बौखलाए रेत चोरों ने अब प्रशासन पर दबाव बनाने का नया पैंतरा अपनाया है। वन विभाग के कार्यालय के बाहर तमाशा कर सरकारी कर्मचारियों को डराने और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का खेल शुरू हो गया है। ​

मिली जानकारी के अनुसार, जब वन विभाग की टीम अवैध रेत के खिलाफ कार्रवाई कर गाड़ियां जब्त कर रहे थे। तब माफियाओं ने उसे रोकने का भरसक प्रयास किया। इस दौरान मौके पर मौजूद वन कर्मियों के साथ छीना-झपटी और हाथापाई की गई। हद तो तब हो गई जब कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए महिलाओं को आगे कर शासकीय कार्य में व्यवधान डाला गया। रेंजर की मुस्तैदी के कारण माफिया अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए, तो अब वे धरना-प्रदर्शन का सहारा लेकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

​ट्रैक्टर मालिक का 'शिफ्टिंग' का बहाना, पुलिस में शिकायत।

​कार्रवाई की आंच से बचने के लिए ट्रैक्टर मालिक रवि सिंह बघेल ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। शिकायत में तर्क दिया गया है कि ट्रैक्टर अंचल ट्रेडर्स के काम में लगा था। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि ट्रैक्टर वैध कार्य में था, तो वन कर्मियों के साथ बदसलूकी और कार्यालय के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा क्यों किया गया? स्पष्ट है कि यह पूरी कवायद रेंजर और उनकी टीम के मनोबल को गिराने के लिए की जा रही है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती।

अवैध कारोबारियों ने अब नई रणनीति अपनाई है यदि अधिकारी न बिके, तो उसे झूठे आरोपों में उलझा दो। बिजुरी में भी यही स्थिति दिख रही है। रेंजर पवन ताम्रकार द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के रसूखदारों के अवैध धंधे बंद हो रहे हैं, जिसके कारण वे अब लामबंद होकर विभाग को डराने की कोशिश कर रहे हैं।

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