खुले संरक्षण के कारण एवं ढील ढाल रवैया के चलते जिला अंतर्गत आने वाली हायर सेकेंडरी स्कूल में शाखा प्रभारी की चल रही मनमानी।
कक्षा दसवीं पढ़ने वाली छात्रा के साथ शिक्षक के नैतिक कार्य।
शहडोल // मुख्यालय संबंधित विभाग वालों की माने तो प्रभारी बता रहे हैं डी ई ओ सिंह हमारे रिलेशन के अंतर्गत आने वाले अधिकारी के साथी हैं। इसलिए मुझे शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यालय में पदस्थ किया गया है। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है जो मर्जी होगी वह करेंगे एक जीता जागता उदाहरण सामने आया है जो प्रभारी के माध्यम से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित करने के लिए शासन से आदेश अनुसार सामग्री खरीद कर विद्यालयों में भेजा गया है। जिससे पढ़ने वाले कक्षा 10 के छात्र और 12 के छात्र के साथ साथ सभी विद्यार्थियों को अच्छा ज्ञान और जानकारी रहें। इस लिया विद्यालयों में सामग्री भेजा जा रहा है। जबकि शासन की ओर से सभी बच्चों के अभिभावकों का संबल कार्ड बना है उनकी फीस नहीं लगनी है लेकिन ऐसा विद्यालय में नहीं होता है ऐसा कह कर सभी बच्चों से एकमुश्त भुगतान भेजा रही थी जब किसी अभिभावक को इस बारे में पता चला और प्रभारी प
से बोला गया कि यह तो मनमानी चल रही विद्यालय में संभल कार्ड धारियों से भी पैसा लिया जा रहा हैतब अपने मानसिक खुन्नस से उन्होंने कुछ बच्चों का पैसा वापस किया तब से बच्चों और अभिभावक पर दुर्व्यवहार रखते हैं ऐसा भ्रष्टाचार कब तक चलता रहेगा हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षकों के बारे में सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि प्रभार लगभग कई वर्षों से एक ही शाखा में पति और पत्नी विधालय में शिक्षक कार्य में पदस्थ हैं इस कारण से इनका मनोबल भ्रष्टाचार की ओर बढ़ा हुआ है इन्हीं के देखा सीखी सभी शिक्षक करते हैं विभाग वाले की माने तो आए दिन यह विद्यालय पर हस्ताक्षर करके और जिला प्रशासन अधिकारी के द्वारा कार्यालय कार्य बता कर चौराहों में यह बता करके कि मैं कलेक्टर कार्यालय डाक लेकर जा रहा हूं ऐसा हीला हवाली करने के बाद वह डायरेक्ट अपने खेत पर चले जाते हैं और जमकर खेती करवाते हैं विद्यालय से उनका कोई तालुकात नहीं रहता है बल्कि राजनीति के खिलाड़ी हैं और विद्यालय को राजनीति का अखाड़ा बना करके रखे हैं गांव वालों का कहना यह है कि जब तक ऐसे भ्रष्ट शिक्षक यहां रहेंगे तब तक विद्यालय की रवैया सुधारने वाली नहीं है इतना ही नहीं बल्कि सघनता से जांच होने पर पता चलेगा कि विद्यालय में कितना बच्चों के साथ भ्रष्टाचार किया जा रहा है विद्यालय की मरम्मत से लेकर के बच्चों की पढ़ाई लिखाई पठन-पाठन से लेकर के अतिथि शिक्षक भर्ती से लेकर के हर जगह मनमानी तौर तरीके से काम चल रहा है क्योंकि अधिकार और पद पोस्ट के गरिमा में भूले हुए हैं इनका कहना यह भी है कि मैं इसी गांव का निवासी हूं मुझे कोई यहां से नहीं हटा सकता है जब तक मैं कांग्रेस का साथ पकड़ा हूं अपने आप को कांग्रेसी लीडर भी बताते हैं जब से चुनाव का बिगुल बजा हुआ है तब से प्रभारी प्राचार्य के विद्यालय में राजनीति कि खिचड़ी पक रही है अब देखना यह है कि खिचड़ी कब तक पक कर बाहर आएगी और ना जाने l जिला के अंतिम छोर होने के कारण जिला प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है कृपया खबर की माध्यम से जिला प्रशासन ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं
विद्यालय का छात्र सनी गुप्ता द्वारा आरोप लगाया गया कि मेरा संबल कार्ड बना है इसके बावजूद भी फीस ली गई है