मुख्य कार्यपालन अधिकारी के ऊपर चली लोकायुक्त प्रशासन की कार्यवाही।
स्वीकृत राशि भुगतान करने के लिए रिश्र्वत मांगे।
जिसकी जानकारी सरपंच के द्वारा लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई गई।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // मुख्यालय मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। इसके बाद भी सभी शासकीय कार्यालयों में रिश्वतखोरी का व्यापार है भारी नहीं रूक रही है कमीशन खोरी।
एक ऐसा ही मामला सामने आया है मुख्यालय के उमरिया जिला के जनपद पंचायत करकेली का यहां पर पदस्थ महिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस प्रशासन ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोपी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत बैरवा के सरपंच प्रमोद यादव से एसबीएम की राशि स्वीकृत भुगतान करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। प्रार्थी के द्वारा इसकी शिकायत रीवा लोकायुक्त कार्यालय में किया था। जिसके बाद रीवा लोकायुक्त ने करकेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेरणा परमहंस को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त प्रशासन के द्वारा पकड़ी गई मुख्य कार्यपालन महिला अधिकारी प्रेरणा परमहंस जो शहडोल मुख्यालय के जनपद पंचायत व्यौहारी में पदस्थ रह चुकी है।
संबंधित विभाग के विशेष सूत्र अनुसार प्राप्त जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेरणा परमहंस महिला होने कार्यालय में नाजायज अधिकार के साथ-साथ फायदा उठाती थी।
जिसकी जानकारी आकांक्षा पांडे सब इंस्पेक्टर लोकायुक्त ने दी है। जिसकी शिकायत संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा लोकायुक्त कार्यालय रीवा में जानकारी के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करकेली के ऊपर शिकायत दर्ज कराई गई।
