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कबाड़ के अवैध कारोबार के मैनेजमेंट में अनीश हो रहे अबबल।।

 वर्दी के शह पर शहडोल संभाग मे अवैध कबाड़ का कारोबार...

संभाग व जिले में इन दिनों अवैध कबाड़ का कारोबार चरम पर है. कबाड़ के अवैध कारोबार में जब से जिला बदर रह चुके अनीश कबाड़ी की एंट्री हुई है. माहौल बहुत गर्म हो चुका है. सूत्र बताते हैं कि अनीश के साथ कुछ वर्दीधारी कबाड़ के इस अवैध कारोबार शामिल हैं. जिन्होंने नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियो की सेटिंग बना रखी हैं.

कबाड़ सिंडिकेट ने कानून की निकली हवा 

संभाग के तकरीबन हर नगर और कस्बे में कबाड़ की अवैध दुकानें बेरोक-टोक संचालित हैं, जहां घरों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों से निकलने वाली अनुपयोगी लोहे व अन्य वस्तुओं की खरीद-फरोख्त की जाती है। इसके अलावा रेलवे, कोयला खदानों एवं अन्य बड़े छोटे उद्योगों के मशीनी कल पुर्जों को भी चोरी छिपे खरीदा बेचा जाता है। पहले इन कबाड़ दुकानों पर पुलिस और प्रशासन की नजर रहती थी और अवैध गतिविधियों को नियंत्रित भी किया जाता रहा है लेकिन अब हालत काफी हद तक बदल चुके हैं। छोटी-छोटी दुकानों से लेकर बड़े गोदाम तक में एकत्र कबाड़ का कारोबार अंतर्राज्यीय रूप ले चुका है. और इसमें बड़ी-बड़ी हस्तियां शामिल हो चुकी हैं। इन हस्तियों ने बाकायदा सिंडिकेट तैयार कर शासन प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

क्या है कबाड़

कोयलांचल क्षेत्र होने के कारण शहडोल संभाग के तीनों जिलों में संचालित कोयला खदानों में लगी मशीनों के पुर्जे व बंद पड़ी खदानों से गैस कटर के इस्तेमाल कर कबाड़ के नाम पर चोरी कर बेचे जाने और रेलवे लाइन के किनारे पड़े लोहे को उठाकर बेचने का गोरख धंधा भी इन कबाड़ियों द्वारा बखूबी किया जा रहा है।

अनीश के साथ कौन कौन से कबाड़ी कहां सक्रिय हैं सूत्रधार।

हालांकि पूरे शहडोल संभाग में कितने छोटे बड़े कबाड़ी सक्रिय है और अवैध कारोबार में लिप्त है. इसकी आधिकारिक जानकारी तो शायद किसी के पास नहीं लेकिन चर्चित नाम के बारे में सूत्रों से मिले जानकारी पर यदि यकीन किया जाए तो उमरिया जिले के करकेली में अनिल, पाली-मंठार में फिरोज और मोहसीन, नौरोजाबाद में

बबलू और लल्लू, शहडोल जिले के बुढ़ार, धनपुरी, अमलाई, रसमोहनी, गोहपारू, जैतपुर, सिंहपुर रोड़ में अनीश और मोहसीन,  

शहडोल शहर में रहीम सोहागपुर, मुन्ना पुरानी बस्ती, गुड्डू रीवा रोड स्थित अवैध कबाड़खाना का गोदाम संचालित कर रहे है। इसी तरह अनूपपुर जिला के कोतमा, बिजुरी, राजनगर, अमलाई , रामनगर, जैतहरी, पुष्पराजगढ़ और अनूपपुर में जानू का कबाड़ का बड़ा कारोबार एक लंबे समय से संचालित है. जो कबाड़ जैसी अनुपयोगी चीजों से लाखों करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं।

जानकार सूत्रों की माने तो कबाड़ के इस अवैध कारोबार में रुपया बरस रहा है। कई गुने दाम पर दूसरे शहरों और राज्यों में कबाड़ भेजा जा रहा है. और इससे होने वाली अवैध कमाई में से कथित तौर पर कतिपय कुर्सीधारियों को शेयर भी पहुंचाया जाता है अवैध कमाई के शेयर होल्डर कितने और कौन लोग हैं ये भी जाँच का विषय हैं।

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