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आदर्श आचार संहिता का करें पालन प्रत्याशियों का दिया हुआ जनसंपर्क ब्यौरा।

भारत निर्वाचन आयोग अधिकारियों से आदर्श आचार संहिता का कराए पालन।

विधि सम्मत लगाए गए झंडे-प्रतीकों को हटाने पर रोक लगाए चुनाव आयोग।



रिपब्लिक न्यूज।।                                                            
भोपाल // केंद्रीय मंत्री व प्रदेश चुनाव प्रभारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आदर्श आचार संहिता के अनुसार निजी वाहनों पर झंडे,बैनर एवं दीवार चित्र लगाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अरेरा हिल्स स्थित चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि चुनाव में लगे सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूचना से जानकारी आई है मध्यप्रदेश के कई जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर आदर्श आचार संहिता का सही अनुपालन नहीं कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं के घरों व वाहनों में लगाए गए झंडों को हटाने और सहमति से लोगों के घरों में किए गए दीवार चित्र को मिटाने का काम स्थानीय प्रशासन के अधिकारी कर रहे हैं।

आदिवासी सीटो पर उतरे भाजपा के करोड़पति प्रत्याशी,कांग्रेस की तुलना में भाजपा ने उतारे धनाढ्य प्रत्याशी।

शहडोल मुख्यालय जिला के तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों की क्या संपत्तियों की क्या कहानी है स्वयं उनके द्वारा दी गई जानकारी जुबानी है।
जयसिंहनगर से भाजपा की प्रत्याशी मनीषा सिंह का ग्राफ सबसे आगे, तो कांग्रेस के प्रत्याशी नारेन्द्र सिंह सबसे पीछे है। दिन रात गांव गांव सघन जनसंपर्क में जुटे हैं। इसके बाद दिन भर की गतिविधियों को पूरे विधानसभा क्षेत्र, जिला और प्रदेश तक पहुंचाने के लिए अपने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म सहारा ले रहे हैं। ज़िला के जैतपुर, जयसिंहनगर व ब्यौहारी तीनों ही सीटे आदिवासी वर्ग के लिए ही आरक्षित हैं। आदिवासी बाहुल्य होने के साथ ही इस वर्ग को ऊंचा उठाने और समाज में बराबर का हक दिलाने की नीयत से आरक्षण तो लागू कर दिया, लेकिन जिला के तीनो आदिवासी सीटों से चुनावी रण क्षेत्र में उतारे कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों के द्वारा नामांकन के दौरान दिये गये संपत्ति के विवरण पर नजर डाली जाये तो, भाजपा के ब्यौहारी, जैतपुर और जयसिंहनगर से चुनावी समर में उतारे आदिवासी प्रत्याशी न सिर्फ करोड़पति हैं, बल्कि उनके हाथ एक ऐसी जादू की छड़ी भी है, जिससे उनकी संपत्ति में गुणात्मक इजाफा भी हुआ है। भाजपा की तुलना में कांग्रेस के द्वारा तीनों सीटों पर उतारे गये प्रत्याशियों में से जयसिंहनगर प्रत्याशी की कुल संपत्ति 1 करोड़ तक बमुश्किल पहुंचती है। बाकी के दोनों प्रत्याशी भी भले ही भाजपा प्रत्याशियों की तुलना में पीछे हैं, लेकिन करोड़पति तो हैं ही। 
वर्तमान में प्रदेश में सबसे मालदार प्रत्याशियों की चर्चाएं हो रही हैं। लेकिन आरक्षण प्राप्त आदिवासी समुदाय के नेता भी अब किसी से कतार में कम नहीं है। मनीषा आगे, शरद तीसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी शहडोल के तीनों विधानसभा सीटो से चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों में जैतपुर विधानसभा से एक बार विधायक रही मनीषा सिंह ने बीते 5 वर्षो के दौरान अपनी संपत्ति को लगभग 5 गुना बढ़ाकर शपथ पत्र में प्रस्तुत किया है। यह अलग बात है कि आम आदमी की संपत्ति बैंक में 9 से 10 साल में दुगनी होती है और 5 गुना करने में कम से कम 25 साल तो लग ही जाते हैं, लेकिन पिछले साल 2018 में मनीषा सिंह ने अपनी चल संपत्ति 14 लाख 56 हजार 652 रूपए बताई थी, 2023 में यह संपत्ति 43 लाख 42 हजार 800 रूपए हो गई है। वहीं इनके पति की संपत्ति भी 21 लाख दर्शाई गई है। संपत्ति की तुलना में मनीषा सिंह सबसे आगे हैं, वहीं 5 बार भाजपा विधायक और मंत्री रहे जयसिंह मरावी जी दूसरे नंबर पर हैं, उन्होंने चल संपत्ति 50 लाख 6 हजार 610 रूपये दर्शाई है। ब्यौहारी से दूसरी बार प्रत्याशी बने शरद कोल इस क्रम में तीसरे नंबर पर हैं, उनकी चल संपत्ति भले ही 44 लाख 73 हजार 800 रूपये दर्शाई गई है, लेकिन कुल संपत्ति के मामले में भी वे, मनीषा और जयसिंह से पीछे ही हैं।  5 साल जिला पंचायत अध्यक्ष, फिर भी पीछे भाजपा की तरह ही कांग्रेस के द्वारा चुनावी समर में जिले की दो विधानसभा सीटो से उतारे गये प्रत्याशियों की संपत्ति भी करोड़ों में है। वहीं संभागीय मुख्यालय से कांग्रेस के प्रत्याशी नारेन्द्र मरावी की कुल संपत्ति बमुश्किल उन्हें करोड़पति बना पा रही है। यह भी विचारणीय है कि नरेन्द्र मरावी 5 साल तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं और जिले की लगभग 391 पंचायतों का कोष उन्हीं की टेबिल से होकर आगे बढ़ता था। उस समय नारेन्द्र मरावी भाजपा में भी थे और मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था, हालाकि उन्होंने भाजपा की नीतियों से खफा होकर बीच में ही पार्टी छोड़ दी थी। नारेन्द्र मरावी की तरह ही जैतपुर से कांग्रेस की प्रत्याशी उमा धुर्वे के पास भले ही 70 लाख की पुस्तैनी भूमि हो, लेकिन चल संपत्ति के नाम पर 11 लाख 58 हजार रूपये और 7 लाख के जेवरात ही हैं। इधर ब्यौहारी से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे कांग्रेस के राम लखन सिंह अन्य दो प्रत्याशियों की तुलना में धनाड्य हैं। उनके द्वारा 6 लाख 70 हजार 102 रूपये खुद की और 23 लाख 53हजार 750 रूपये पत्नी की चल संपत्ति दर्शाई गई है और 1 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति और अन्य जेवरात आदि दर्शाए गये हैं। गौरतलब है कि शरद कोल 37 फॉलोअर्स लेकर सबसे आगे ब्यौहारी से भाजपा विधायक और प्रत्याशी शरद कोल तीनों सीटों में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों से सोशल मीडिया प्लेटफार्म में फॉलोअर्स के मामले में सबसे आगे हैं। फेसबुक में उनके नाम और समर्थन वाले 5 अकाउंट हैं। जिसमें शरद जुगलाल कोल नाम की आईडी में 37 फॉलोअर्स हैं। इस अकाउंट में शरद कोल के दिनभर की गतिविधि पोस्ट होती रहती है। नारेंद्र और रामलखन के 5 फॉलोअर्स है। साथ ही कांग्रेस के जैतपुर और ब्यौहारी सीट से उम्मीदवार नारेंद्र सिंह मरावी, रामलखन सिंह 5-5 फॉलोअर्स लेकर दूसरे स्थान पर हैं। फेसबुक में नारेंद्र सिंह मरावी के नाम पर 2 अकाउंट हैं, जिसमें से एक 4 दिन पहले बनाया गया है। वहीं राम लखन सिंह के नाम से भी 2 अकाउंट हैं एक पुराना और एक नया है जिसमें 5 फॉलोअर्स हैं। वहीं 4.9 फॉलोअर्स लेकर जयसिंह मरावी तीसरे स्थान पर हैं। अगर देखा जाये तो जयसिंहनगर विधायक और जैतपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी जयसिंह मरावी के नाम से भी फेसबुक में 2 अकाउंट हैं। इनमें एक एक्टिव है जिसमें 4.9 फॉलोअर्स हैं। वहीं जयसिंह नगर सीट मनीषा सिंह के नाम भी फेसबुक में 2 अकाउंट हैं। एक में लगभग 4 फ्रेंड हैं वहीं दूसरे में 868 हैं। एक अकाउंट एक्टिव है। बात मुद्दे की यह है कि उमा धुर्वे के नाम जैतपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और बुढार जनपद पंचायत वार्तमान अध्यक्ष उमा धुर्वे के नाम फेसबुक में 5 अकाउंट हैं। इनमें से 2 अकाउंट एक्टिव हैं जिनमें एक में 4475 और दूसरे में 2805 की फ्रैंड लिस्ट है। वहीं 3 अकाउंट एक्टिव नहीं हैं। देखा जाये तो प्रत्याशियों की इंस्टाग्राम में कोई रुचि नहीं है और भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों की इंस्टाग्राम में कोई खास बात देखने को नहीं मिल रहा है। इंस्टाग्राम प्लेटफार्म में न तो ज्यादा पोस्ट होते हैं और न ही इनके ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

सबसे ज्यादा शरद कोल के 2288 फॉलोअर्स और 2022 पोस्ट हैं। दूसरे नंबर पर जयसिंह मरावी जी के 1190 फॉलोअर्स और 584 पोस्ट हैं। तीसरे नंबर पर मनीषा सिंह के 965 फॉलोअर्स और 22 पोस्ट हैं। चौथे नंबर पर नारेंद्र सिंह मरावी 834 फॉलोअर्स और 17 पोस्ट हैं।
 
इनके अलावा उमा धुर्वे के 106फॉलोअर्स और 2 पोस्ट, रामलखन सिंह के 32 फॉलोअर्स और 181 पोस्ट हैं। भाजपा और कांग्रेस सोशल मीडिया अब पार्टी के सामने एक चुनौती यह सामने आ रही है कि जब अकाउंट में ज्यादा फॉलोअर्स नहीं है तो बात जनता तक कैसे पहुंचाएं। 
भाजपा और कांग्रेस ने उम्मीदवारों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म में फॉलोअर्स बढ़ाने का भी फरमान जारी किया है।

ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी को जनता क्या फिर अपनाएंगे 
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