कार्यशाला में लगभग 600 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित हुई। कार्यशाला में परियोजना अधिकारी आनंद अग्रवाल द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्रामीण आजीविका मिशन ब्लॉक समन्वयक तमन्ना खान द्वारा स्व सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार के दिशा में किए जा रहे कार्यों के संबंध में बताया गया।
महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा साइबर फ्रॉड से जागरूकता के संबंध में साइबर सेल पुलिस अधीक्षक कार्यलय शहडोल से सत्य प्रकाश मिश्रा एवं प्रकाश द्विवेदी द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। सोशल मीडिया का किस प्रकार उपयोग किया जाना है तथा अपने मोबाइल की सेटिंग किस प्रकार रखें इसके संबंध में विस्तार से सभी को बताया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित संगीता भगत प्रशासक वन स्टाफ केंद्र द्वारा घरेलू हिंसा अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए शासन के द्वारा चलाए जा रहे वन स्टाफ सेंटर से मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और समूह की सभी महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। अखिलेश मिश्रा सहायक संचालक महिला बाल विकास द्वारा बालिकाओं और महिलाओं के अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पोक्सो एक्ट, बाल विवाह कानून के संबंध में अवगत कराया गया।
गुड टच बैड टच की जानकारी देते हुए सभी को प्रशिक्षित किया गया कि किस प्रकार हम अपने बच्चों को लैंगिक शोषण से बचा सकते हैं। कार्यक्रम में महिला बाल विकास के समस्त पर्यवेक्षक तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति रही।
