मैनेजमेंट के खेल में भुल गए वरिष्ठ, कनिष्ठ की सीमाएं।
जिला प्रशासन के अधिकारी की मिली भगत से विजय सिंह को बनाया गया क्षेत्री अधिकारी।
मामला कार्यालय ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल।। जिला प्रशासन अधिकारियों के मनमानी या फिर मैनेजमेंट के खेल में अपने कार्यालय में वरिष्ठों के रहते कनिष्ठ को बनाया जा रहा अधिकारी।
मध्य प्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के विपरीत जिला शहडोल जनपद पंचायत बुढार में सहायक यंत्री के पद पर उपयंत्री विजय सिंह को दिया गया प्रभार।
एक ऐसा ही मामला जिला मुख्यालय कार्यालय ग्रामीण सेवा यांत्रिकी विभाग आरईएस कार्यालय शहडोल में 2006 -7 के दो उपयंत्री जिला प्रशासन में कार्यरत पदस्थ वरिष्ठता के आधार पर उपयंत्रियों को देना था प्रभार, लेकिन जिला प्रशासन के दो अधिकारियों के मिली भगत से वर्ष 2013 बैच के उपयंत्री विजय सिंह को कार्यपालन यंत्री शहडोल ने बनवाया सहायक यंत्री जनपद पंचायत बुढार, जबकि मध्य प्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि वरिष्ठता के आधार पर जिले में वरिष्ठतम उपयंत्रियों की अगर कमी है तो उस स्थिति में निकट जिले के वरिष्ठ उपयंत्रियों को ही सहायक यंत्री का प्रभार देकर रिक्त स्थान की पूर्ति की जाए।
लेकिन जिला प्रशासन अधिकारी मुख्य कार्यपालन यंत्री ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गुमराह कर संदर्भित पत्र के विपरीत भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने हेतु जूनियर उपयंत्री विजय सिंह को सहायक यंत्री जनपद पंचायत बुढार का दिलाया गया प्रभार।
विभागीय विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत क्षेत्र में ग्रामीण सब उपयंत्री विजय सिंह और सहायक यंत्री आर के दि्वेदी इन दोनों के मिली भगत से ग्राम पंचायत तगावर के क्षेत्र अंतर्गत सड़क निर्माण के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया आज तक नहीं बनाई गई पूरी सड़क कौन है जिम्मेदार अधूरे निर्माण का ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव या तत्कालीन सरपंच या ग्रामीण पदस्थ उपयंत्री या सहायक यंत्री.?
इनके अलावा भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जो सिर्फ खानापूर्ति कर अपना और अपने स्वार्थ के लिए शासकीय राशि का जमकर भ्रष्टाचार किया गया है।
