Top News

राज्य शासन के आदेश अनुसार नए शिक्षण सत्र नीति का दिया जा रहा शिक्षकों को प्रशिक्षण।

जनपद शिक्षा केंद्र सोहागपुर कार्यालय में एफ एल एन कौशल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।



रिपब्लिक न्यूज।

शहडोल // जनपद शिक्षा केंद्र सोहागपुर कार्यालय में शिक्षकों को एफ. एल. एन. का प्रशिक्षण सभी विषयों का विषयवार कक्षा तीसरी में पढ़ाने वाले शिक्षकों को राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार एवं मार्गदर्शन पर जिला परियोजना समन्वयक अमरनाथ सिंह जनपद शिक्षा केंद्र सोहागपुर के  प्रांगण कार्यालय पर आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम।

 उक्त प्रशिक्षण में विकासखंड के प्रथम चरण में कक्षा तीसरी पढ़ाने वाले शिक्षकों को एवं जन शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है जिसमें ट्रेंनर टीचरों के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षित हो रहे हैं। 

उक्त प्रशिक्षण के संबंध में सोहागपुर विकासखंड स्त्रोत समन्वयक महेंद्र कुमार मिश्रा से जब बात किया गया तो उन्होंने बताया कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान बढ़ाया जाएगा।

(Foundational Literacy & Numeracy FLN) 

स्कूल शिक्षा की नींव है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एफ. एल. एन. को निपुण भारत अभियान के तहत राज्य में संचालित किया जा रहा है। 

जिसकी प्रथम कड़ी में गत वर्ष में समस्त प्राथमिक शाला के कक्षा 1 एवं 2 को पढ़ाने वाले शिक्षकों को हिन्दी, गणित एवं अंग्रेजी विषय में प्रशिक्षित किया गया है।

 उसी क्रम  में इस वर्ष समस्त प्राथमिक शाला से कक्षा 3 इको पढ़ाने वाले शिक्षक को प्रशिक्षित किया जाना है। कक्षा 3 से 5वी पढ़ाने वाले (हिन्दी / अंग्रेजी / गणित / पर्यावरण) का प्रशिक्षण विकासखण्ड स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण से पूर्व उपस्थित होकर अन्य विषयों में राज्य स्तर से प्रशिक्षित एम.टी. के द्वारा 1 या 2 दिवस में आपस में प्रशिक्षण स्थल पर उन्मुखीकरण किया जाएगा जिससे कि प्रत्येक शिक्षक एफ.एल.एन अंतर्गत कक्षा -3 के चारों विषयों में प्रशिक्षित हो सकेंगे।

निपुण भारत मिशन प्राथमिक स्तर पर शिक्षा प्रदान करने के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण अपनाता है. यह एफ एल एन कौशल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मिशन अधिगम के पांच क्षेत्रों पर ध्यान देगा।. 

पहला बच्चों को उनकी स्कूली शिक्षा के प्रारंभिक वर्षों में पहुंच प्रदान कराना और उनको स्कूलों में बनाए रखना.।

 दूसरा, शिक्षक क्षमता निर्माण,।

 तीसरा, उच्च गुणवत्ता एवं विविधता पूर्ण छात्र एवं शिक्षण संसाधनों/ अधिगम सामग्री का विकास, अधिगम परिणाम उपलब्धि में प्रत्येक छात्र की प्रगति को ट्रैक करना।

चौथा  बच्चों का पोषण और स्वास्थ्य (मानसिक स्वास्थ्य सहित) पहलुओं के समाधान पर ध्यान देना।

पांचवां इसका उद्देश्य हमारे बच्चों को समग्र, आनंददायक और उत्पादक शिक्षण अनुभव के माध्यम से सीखने और बढ़ने के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करना है।

 प्रशिक्षण के निरीक्षण के लिए जिला परियोजना समन्वयक अमरनाथ सिंह औचक निरीक्षण किए जिसमें सभी शिक्षकों को एवं बीआरसीसी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और शिक्षकों को प्रभावी प्रशिक्षण देने के लिए निर्देश दिए।


प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीआरसीसी महेंद्र मिश्रा बीएसी संतोष यादव, बीएसी मोहित शुक्ला, श्रवन गुप्ता, राजेंद्र कुमार निगम, एवं मास्टर ट्रेनर एवं सभी शिक्षकों का बहुत सहयोग प्रदान हो रहा है।

Previous Post Next Post