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शासन के नियम निर्देश को दर किनार करते हुए बिनैका में बन रहे पुलिया निर्माण कार्य का 15 वित्त से अधिकारी और कर्मचारियों के मिली भगत से दस लाख रुपए का होगा भुगतान।

मुख्यालय के सभी क्षेत्र में अनगिनत भ्रष्टाचार का बढ़ता कारवां।

किसी भी अधिकारी के जानकारी से दूर हो रहे ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य पूरा का पूरा बेकर।

क्योंकि रक्षक ही भक्षक बन कर निभा रहे दोनों किर दारों का खेल।




रिपब्लिक न्यूज।

शहडोल // मुख्यालय शासन के द्वारा बनाए गए नियम निर्देशों की जमकर उड़ाया जा रहा ग्राम पंचायतों में पदस्थ संबंधित विभाग अधिकारियों के द्वारा धज्जियां।

जनप्रतिनिधि सरपंच सचिव के मिलीभगत से खेले जा रहे जमकर भ्रष्टाचार की होलिया।

प्रदेश के ग्राम पंचायत में फैले भ्रष्टाचार का कब होगा अंत यह कहना मुश्किल है कभी नाली निर्माण तो कभी सी सी रोड, लीज पिट सोकता , नाडेप या कोई भी कार्य जो ग्राम पंचायत अंतर्गत भवन निर्माण कार्य में व्यापक भ्रष्टाचार के खेल में संबंधित पदस्थ अधिकारी और सरपंच सचिव की मिलीभगत शामिल होना उनके कार्य को दर्शाता है।

इन सब कार्यों में सेक्टर ग्रामीण उपयंत्री की कार्यशैली भूमिका सबसे अहम माना जाता है क्योंकि सेक्टर में पदस्थ उपयंत्री के अनुमोदन अनुसार ही उस कार्य प्रणाली का भुगतान किया जाता है।

ऐसा ही एक मामला जिला के जनपद पंचायत जयसिंह नगर के ग्राम पंचायत बिनैका द्वारा यमुना सिंह के खेत के पास पुलिया निर्माण 15वें वित्त की राशि से किया जा रहा है। जिसमें सरपंच सचिव और उपयंत्री के मिलीभगत से जमकर भ्रष्टाचार की होली खेली जा रही है। निर्माण कार्य में बिना शरिया लोहे के जाल बिछाए कांक्रीट की ढलाई किया जा रहा है। जबकि निर्धारित मापदंडों के अनुसार गड्ढे भी नहीं खोदे गए हैं यह पुलिया निर्माण ग्राम पंचायत के 15वें वित्त की राशि लगभग ₹10 लाख रुपए से बनाई जा रही है। लेकिन सरपंच सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से यह पुलिया निर्माण सिर्फ भ्रष्टाचार की बलि चढ़ने के अलावा कोई भी इसमें ऐसा काम नहीं दिखाई दे रहा है जो पुलिया की मजबूती को दर्शाता हो ग्राम पंचायत के द्वारा यह निर्माण कार्य मनमाने ढंग से किया जा रहा है।


ग्राम पंचायत बिनैका के निवासी के द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर भी कि गई शिकायत लेकिन सीएम हेल्पलाइन सिर्फ दिखावा के अलावा कुछ नहीं। सीएम हेल्पलाइन निराकरण संबंधित अधिकारी के द्वारा अपने कमीशन के खेल में झूठी शिकायत दर्ज कर शिकायत को फोर्स क्लोज करने के अलावा दूसरा कोई भी उस पर कार्यवाही नहीं किया जा रहा संबंधित पदस्थ अधिकारी सीएम हेल्पलाइन विभाग कार्यालय के द्वारा।


जबकि शासन के नियम निर्देश अनुसार सीएम हेल्पलाइन संबंधित अधिकारी के द्वारा एक जांचकर्ता अधिकारी की नियुक्ति को दर्शाता है लेकिन शहडोल जिला में किसी भी विभाग के अधिकारी के द्वारा सही जांच और कार्यवाही नहीं हो रहा है। 

विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी वही के स्थानीय निवासियों के द्वारा।

संबंधित विभाग अधिकारी से लेकर प्रदेश सरकार के द्वारा जन हित समाधान हेतु बनाया गया यह पुलिया निर्माण 15  वित्त की राशि लगभग 10 लाख रुपए से बनाया जा रहा है जो कि सबसे घटिया मटेरियल का उपयोग करते हुए 1 फीट बेस मटेरियल डालकर बिना शरिया लोहे के जाली बांधे हुए निर्माण कराया जा रहा है जबकि पुलिया जैसे निर्माण कार्यों में बिना शरिया लोहे की जाल के निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।

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