उच्च अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही नहीं होने पर अनशन पर बैठेगा पीड़ित भूमि स्वामी परिवार।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत अधिकारियों की कार्यशैली सरेआम जग जाहिर है नहीं मानते किसी नियम निर्देश और शासन के आदेश।
जिला प्रशासन के आदेश पर अभी कुछ दिन पहले जिला के अधिकारी ने नियम निर्देशों को धता बताते हुए नियम विरुद्ध फौती नामांतरण पर एक कार्यवाही की अनुशंसा करते हुए एक तरफा फैसला करते हुए एक पक्ष को ही भूमि स्वामी बनाने की कार्यवाही किए।
जिला का व्यवस्था है यह मार्क करते हुए किए।
इससे पहले अपर कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विभाग कार्यालय से सही फैसला किया गया है।
अधिकारी की कार्यवाही संदेह के घेरे को जन्म दे रहा है।
मामले में संबंधित विभाग के अधिकारियों और बाबूओं की कार्यशैली संदिग्ध हालात देखा जा सकता है।
उच्च अधिकारियों को धता बताते हुए मनमानी तरीके से किया जा रहा है फैसला। जो कछुआ की चाल पर निर्णय कार्य कराया जा रहा है।
एक ऐसा ही मामला जिला प्रशासन के अधिनस्थ सोहागपुर अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा अजीबोगरीब फैसला लिया गया। जिस पर एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए और भी बारिश के नाम काटते हुए सिर्फ कुछ लोगों के नाम पूरा का पूरा जमीन कर दिया गया। जोकि सोहागपुर स्थित आराजी खसरा नंबर निम्नलिखित अनुसार प्राप्त जानकारी है जो इस प्रकार से है। 57/3,59/1,76/1,81/1,85/86,87/1,102/1,103/1,131/1,132/1,136/1,139/1,142/1,145/1,146/1,148/1,149/2,152/1,823,824,825,926/1,99/1, कुल 26 किता कुल रखवा 10.819 हेक्टर कुल रकवा 10.819 हेक्टर भूमि से संबंधित प्रकरण न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी महोदय एवं न्यायालय कमिश्नर संभाग शहडोल के समक्ष विचाराधीन होने के कारण उपरोक्त भूमि के क्रय विक्रय में प्रकरण के निराकरण तक रोक लगाए जाने वाला आवेदन पत्र दिया गया।
मामले की शिकायत भूमि स्वामी रामलाल गुप्ता और दोनों बहने क्रमश नान भाई सिया बाई और नान बाई और साथ बारिश सुरेश चंद्र, रामनिवास तथा तीन पुत्री जो कि कुसुम बाई, कली बाई ,संतोषी बाई, एवं सिया बाई, के वारिस कपूर चन्द गुप्ता के पुत्र पुत्री लालपुर निवासी सभी संयुक्त आराजी भूमि के मालिक हैं।
उपरांत उपरोक्त भूमि को रामलाल के चाचा के संतान रामेश्वर व जागेश्वर के द्वारा बधाई के मृत्यु होने पर उसके फौती नामांतरण के समय रामलाल के बारिश बनकर अपने नाम पर किसी तरीके से करा लिया गया था जिसकी जानकारी होने पर नान बाई और सिया बाई के बारिशों के द्वारा उक्त भूमि नामांतरण के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर में अपील केस किया गया था अपील प्रकरण को आधार पर खारिज करने पर निगरानी माननीय न्यायालय कलेक्टर महोदय के न्यायालय में पेश किए थे जिस पर जिला महोदय अपर कलेक्टर के द्वारा निगरानी स्वीकार कर अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर को गुण दोष के आधार पर निराकरण हेतु प्रेषित कर सही फैसला करते हुए भूमि स्वामी को मालिकाना हक देते हुए सही फैसला किया जाए।

