रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय आदिवासी बहुमूल्य जिला के एक ऐसा जिला के चंगेरा ग्राम पंचायत में उपद्रवियों पर सरपंच और ग्राम के लोगों ने शराबियों के ऊपर शिकंजा कसने में लगे।
शराब पीकर आने वालों की अब खैर नहीं!
ग्रामीण अंचलों में शासकीय कार्यालयों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले और शराब के नशे में चूर होकर विकास कार्यों में बाधा डालने वाले तत्वों के खिलाफ अब ग्राम पंचायत चंगेरा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
जनपद पंचायत बुढार के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चंगेरा की सरपंच श्रीमती भानमति सिंह ने शासकीय परिसर की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने के लिए एक बेहद कड़ा और सराहनीय कदम उठाया है।
पंचायत भवन में 'नो एंट्री', सीधे होगी एफआईआर दर्ज।
लेकिन अक्सर देखा जाता है कि कुछ असामाजिक तत्व शराब के नशे में धुत होकर पंचायत भवन के भीतर प्रवेश कर जाते हैं, जिससे न केवल शासकीय कार्य प्रभावित होता है, बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों और अपनी समस्याओं को लेकर आने वाली ग्रामीण महिलाओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए सरपंच भानमति सिंह और पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
पंचायत परिसर के मुख्य द्वार और सूचना पटल पर बकायदा कानूनी चेतावनी बोर्ड चस्पा कर दिया गया है।
नई धाराओं के तहत सीधे होगी जेल की हवा!
सरपंच भानमति सिंह के निर्देशानुसार जारी की गई सूचना में स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि अब कोई भी व्यक्ति पंचायत परिसर के अंदर शराब पीकर आया या नशा करते पाया गया, तो उस पर पुरानी धाराओं के बजाय देश के नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत कड़क कार्रवाई होगी।
शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाने पर: धारा 221 (BNS)।
शासकीय परिसर में नशे में उपद्रव करने पर: धारा 355 (BNS)।
गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार पर: धारा 296 (BNS)
मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम: धारा 36(A) के तहत बुढार थाने में सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
शासकीय परिसर की गरिमा से समझौता नहीं" - सरपंच भानमति सिंह
पंचायत ग्रामीणों के विकास और उनकी समस्याओं के निराकरण का केंद्र है, न कि नशेड़ियों का अड्डा। पंचायत परिसर के भीतर किसी भी प्रकार का हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वाले चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उनके खिलाफ सीधे बुढार थाने में पंचनामा सौंपकर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
ग्राम पंचायत चंगेरा सरपंच के फैसले का ग्रामीणों ने किया स्वागत।
सरपंच भानमति सिंह के इस 'धमाकेदार' और कड़े फैसले के बाद क्षेत्र के उपद्रवियों में हड़कंप मच गया है, वहीं दूसरी ओर चंगेरा के जागरूक ग्रामीणों और खासकर महिला शक्ति ने पंचायत प्रशासन के इस कदम की जमकर सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैसले से पंचायत में भयमुक्त और मर्यादित माहौल बनेगा।