कमिश्नर ने अटल बिहारी यादव ग्राम रोजगार सहायक के विरुद्ध एफआईआर के दिए आदेश।
धोखाधड़ी मामले पर कलेक्टर के सही फैसले को आयुक्त महोदय ने सही ठहराते हुए एफ आई आर दर्ज कराने के लिए हुआ आदेश।
आयुक्त महोदय के इस कार्यवाही से शहडोल में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगेगा लगाम।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत दिनांक 13 जून को शहडोल संभाग आयुक्त राजीव शर्मा ने शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत बिजौरी में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक अटल बिहारी यादव के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता एवं धोखाधड़ी में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल को दिए हैं।
आयुक्त कार्यालय में अटल बिहारी यादव द्वारा कलेक्टर कार्यालय में पारित आदेश के विरुद्ध अपील दायर करने पर प्रकरण में उन्हें दोषी पाए जाने पर आदेश जारी किया गया है। ज्ञात हो कि ग्राम रोजगार सहायक अटल बिहारी यादव एवं पंचायत सचिव द्वारा मिलकर आदिवासी हितग्राही दुसयाबाई निवासी ग्राम बिजौरी को वित्तीय वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दो किस्तों में कुल राशि 70 हजार रुपए हितग्राही के खाते में नहीं डाल कर किसी अन्य व्यक्ति लल्लू सिंह के खाते में उक्त राशि डाल कर अवैधानिक रूप से राशि आहरित किए जाने संबंधित वित्तीय अनियमितता प्रमाणित पाए जाने पर आदेश दिए गए हैं।
इस जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने से भविष्य में किसी भी अन्य शासकीय सेवक, सचिव, रोजगार सहायक के द्वारा इस प्रकार के कृत्य अनियमितता की पुनरावृत्ति ना हो सके।
मुख्यालय अंतर्गत कई कार्यालयों में ऐसे ही भ्रष्टाचार चरम सीमा पार, लेकिन कार्यवाही करने पर विचार विमर्श करने के बाद संबंधित अधिकारी लाचार।
जिला अंतर्गत सभी विद्यालयों में खरीदी का भ्रष्टाचार,
छात्रावासों में हो रहे बच्चों के रहन सहन और स्वच्छ पानी पीने के लिए मोहताज,
जिले के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य शासन के द्वारा स्मार्ट क्लास संचालित के लिए कंप्यूटर सेट खरीदी के लिए राशि प्रदान किया गया था लेकिन संबंधित विभाग जन अधिकारियों के द्वारा कंपनी के द्वारा बंद कंप्यूटर सेट खरीद कर उस राशि का हुआ बंदरबांट।
पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के कुछ बाबू और पदस्थ अधिकारी के द्वारा तत्कालीन कलेक्टर को गुमराह कर 8 करोड़ 32 लाख 91हजार309 रुपए की राशि का फर्जी भुगतान संस्था के खातों पर पांचवें वेतनमान एरिया राशि का भुगतान किया गया जबकि यह राशि संस्था के सभी कार्यरत कर्मचारियों के नाम से बैंक खातों पर जमा करना था।
