मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के संबंध में दिशा - निर्देश
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // दिनांक 12 जून 2023- अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जानकारी दी है कि राज्य शासन द्वारा औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को पंजीकृत औद्योगिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ओटीजी की सुविधा देने हेतु मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना लागू की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना हेतु जिनकी आयु 18 से 29 वर्ष तक हो, जो मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी हूं और जिनकी शैक्षणिक योग्यताएं 12वीं आईटीआई उत्तीर्ण या उससे उच्च हो पात्र होंगे, योजना के 46 सेक्टर में 800 पाठ्यक्रम जिले के एक लाख युवाओं को योजना के 46 सेक्टर में 800 से अधिक पाठ्यक्रमों में दक्ष करने का प्रारंभिक लक्ष्य रखा गया है। योजना में जिले के स्थानीय निवासी 18 से 29 वर्ष के 12वीं या उससे कम कक्षा में उत्तीर्ण युवा को 8 हजार रूपये, आईटीआई उत्तीर्ण को 8 हजार 500 रूपये, डिप्लोमा उत्तीर्ण को 9 हजार रूपये और स्नातक या उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं को 10 हजार रूपये प्रतिमाह स्टाईपेंड दिया जायेगा। राज्य शासन की ओर से निर्धारित स्टाईपेंड की 75 प्रतिशत राशि प्रशिक्षणार्थियों को डीबीटी से भुगतान की जायेगी। संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित न्यूनतम स्टाईपेंड की 25 प्रतिशत राशि प्रशिक्षणार्थियों के बैंक खाते में जमा करानी होगी। प्रतिष्ठान अपनी ओर से निर्धारित राशि से अधिक स्टाईपेंड देने के लिये स्वतंत्र होंगे। स्टाईपेंड एक वर्ष तक दिया जायेगा।
विभिन्न क्षेत्रों में दिया जायेगा प्रशिक्षण योजना में युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिये चिन्हित कार्य-क्षेत्र में विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रायबल, अस्पताल, रेलवे, आईटी सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड अकाउंटेंट, मीडिया, कला, कानूनी और विधि सेवाएँ, शिक्षा एवं प्रशिक्षण सहित 800 से अधिक सेवा क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठान भागीदारी करेंगे। योजना की प्रक्रिया एवं क्रियान्वयन, युवाओं का योजना के पोर्टल पर पंजीयन 15 जून से प्रांरभ होगा, पोर्टल पर कोर्स चयन कर वैकेंसी के विरूद्ध आवेदन करना 15 जुलाई से प्रारंभ होगा। साथ ही प्रतिष्ठानों द्वारा युवाओं का चयन कर ऑफर दिया जायेगा, युवा-प्रतिष्ठान-मध्यप्रदेश शासन के मध्य 31 जुलाई से अनुबंध प्रारंभ होंगे, ऑन द जॉब प्रशिक्षण (ओजेटी) 1 अगस्त से प्रारंभ होगा। मूल्यांकन और प्रमाणीकरण के साथ योजना में मासिक वित्तीय सहायता एक सितम्बर से दी जाना प्रारंभ होगी।
योजना में चिन्हित प्रतिष्ठानों का पेन एवं जीएसटी पंजीयन अनिवार्य होगा। प्रतिष्ठान अपने कुल कार्य-बल के 15 प्रतिशत की संख्या तक प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दे सकेंगे। जिन प्रतिष्ठानों में कम से कम 20 लोग नियमित रूप से कार्यरत हों, उनके कुल कार्य-बल की गणना ईपीएफ जमा करने के आधार पर की जायेगी।
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के क्रियान्वयन हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी हुए नियुक्त।
अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश शासन तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के निर्देशानुसार राज्य शासन द्वारा औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को पंजीकृत औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में ऑन द जॉब ट्रेनिंग की सुविधा देने हेतु "मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना प्रारंभ की गई है। जिसके अंतर्गत 18 से 29 वर्ष के युवा जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी है उन्हें शैक्षणिक योग्यता अनुसार पंजीकृत औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को रुपये 8000 से 10000 तक का स्टायपेंड दिया जाएगा जिसमें 75 प्रतिशत स्टायपेंड शासन द्वारा एवं 25 प्रतिशत स्टायपेंड प्रतिष्ठानों द्वारा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नोडल अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकरी जनपद पंचायत तथा नगरीय क्षेत्र में मुख्य नगरपालिका अधिकारी संबंधित क्षेत्र के सहायक नोडल अधिकारी होगे। जिला स्तर पर एस.के. वर्मा प्राचार्य आईटीआई शहडोल मुख्य समन्वयकर्ता (मो० नं० 9977215058) तथा अंकित कुमार पटेल एम.जी.एन.एफ. शहडोल सहायक समन्वयकर्ता (मो.नं. 8878711914) होगे। उक्त योजना अंतर्गत संबंधित जिला अधिकारी संलग्न अनुसार समस्त पंजीकृत औद्योगिक एवं प्रतिष्ठान का पंजीकरण कराएंगे तथा प्रतिदिन की प्रगति की रिपोर्ट से मुख्य समन्वयकर्ता को अवगत कराना सुनिश्चित करेगे।
