संबंधित विभाग कर्मचारी सहमति के आधार पर जिला प्रशासन अधिकारी कर सकते हैं किसी भी संबंधित शासकीय कर्मचारी को कहीं भी पदस्थ शासन के नियम निर्देशों के आदेश की उड़ाई गई धज्जियां। ?
शायद साहब ने कहा मैडम का आदेश है !
नियम विरुद्ध बीआरसीसी समन्वयकों के स्थानांतरण कर नियुक्ति पर जिला प्रशासन अधिकारी हुए गुमराह।
जिले में हुई बीआरसीसी नियुक्ति में परत दर परत ऐसे कई राज सामने आ रहे हैं। जिसको देखकर आम आदमी केवल हैरान नहीं है बल्कि आश्चर्यचकित भी है कि अभी तक कर्मचारियों का ही मनमानी चल रहा है।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय जिले में हुई नियम विरुद्ध बीआरसीसी की नियुक्ति में एक नया मोड़ सामने आया है जिसको लेकर सभी आश्चर्यचकित है हर किसी के मन में एक ही सवाल है। जब राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा अपने आदेश क्रमांक राशिके/स्था/2022/2/5055/भोपाल दिनांक 30/08/22 राज्य शिक्षा केंद्र कंडिका 3 में निर्देश है विकासखंड स्रोत समन्वयक पद पर नियुक्ति हेतु संबंधित लोक सेवक को सेवा पुस्तिका में दर्ज गृह निवास ब्लाक में नियुक्त नहीं किया जा सकता। सरल शब्दों में समझा जाए तो यदि किसी शासकीय कर्मचारी का निवास स्थान बुढार जनपद पंचायत विकासखंड हो तो उसे बुढार में ही नियुक्ति नहीं मिल सकती है। परंतु जिले के बुढार जनपद शिक्षा केंद्र में किए गए बीआरसीसी नियुक्ति पर की गई शिकायत में संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा एक ऐसा आदेश भेजा गया जिसको लेकर के हजारों सवाल खड़े हो चुके हैं। साथ ही संबंधित अधिकारी द्वारा की गई नियम विरुद्ध नियुक्ति का आरोप थोपा जिले के मुखिया के ऊपर।
कर्ता-धर्ता राज करें बलिहारी के सर पर गाज गिरे।
जिले में पदस्थ संबंधित विभाग अधिकारी है क्या जिम्मेदार ।
तत्कालीन पदस्थ प्रभारी डीपीसी फूल सिंह मारपाची द्वारा की गई एक जांच के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत कर बताया गया की जिले में हुई बीआरसीसी की नियम विरुद्ध नियुक्ति नियमानुसार है साथ ही संबंधित व्यक्तियों द्वारा अपनी सहमति के आधार पर अपने निवास स्थान ग्रह ब्लाक चुना गया है जिसको लेकर अनुमोदन स्वीकृति के पश्चात कलेक्टर महोदया द्वारा इनकी नियुक्ति के संबंध में आदेश जारी किया गया है। जिसको लेकर जानकारों से जब पता किया गया तो उनके द्वारा यह साफ साफ बताया गया की किसी भी प्रकार से यह संभव ही नहीं है। साथ ही जबकि संचालन राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल विभाग द्वारा यह स्पष्ट आदेश है की ऐसा नहीं हो सकता तो फिर जिले की मुखिया सहित किसी को भी यह अधिकार नहीं है की ऐसा कोई भी आदेश पारित कर किसी को भी नियुक्त किया जा सकता है।
शासन से बढ़कर हुए जिले के संबंधित विभाग अधिकारी और जिले के अधिकारी।
बीआरसीसी नियम विरुद्ध नियुक्ति के मामले पर की गई जांच पर तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा केन्द्र समन्वयक प्रभारी डीपीसी फूल सिंह मारपाची द्वारा संबंधित शिकायतकर्ता को अपने पत्र क्र जिशिके/ शिका-स्था / 2023/498 दिनांक 28/04/23 के माध्यम से यह अवगत कराया गया की राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के पत्र क्रमांक/ राशिके/स्था/2022/4408 भोपाल दिनांक 25/07/22 मे जारी रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लिखित परीक्षा के आधार पर उत्तत्रीर्ण मेरिट सूची अनुसार प्रतिनियुक्ति पर लिये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। जिस पर रिक्त पद होने पर सीताराम दुबे को जनपद शिक्षा केंद्र बुढ़ार एवं मनोज केशरवानी को जनपद शिक्षा केंद्र ब्यौहारी मे नियुक्त किया गया है। जिसका अनुमोदन व स्वीकृति पश्चात कलेक्टर महोदया के हस्ताक्षर से आदेश जारी किया गया है। अब इस संदर्भ मे सबसे अहम सवाल है की जब शासन से जारी किसी भी आदेश को तब तक नहीं बदला जा सकता है जब तक उसपर स्वयं शासन द्वारा कोई फेर बदल ना की जा सके तो फिर किन आदेशों के तहत जिले की मुखिया द्वारा ऐसा आदेश पारित कर शासन के आदेशों को खुले आम चुनौती देते हुए नियम निर्देशों की धज्जियां उड़ाई गई है।
जनपद शिक्षा केंद्र समन्वयक व्यौहारी में 18 नंबर वाले को कैसे प्रथम स्थान पर प्राथमिकता देखकर किया गया नियुक्त।
जिले में हुई नियम विरुद्ध बीआरसीसी नियुक्ति में जहां तत्कालीन प्रभारी डीपीसी द्वारा जिले के मुखिया को संपूर्ण प्रतिनियुक्ति का जिम्मेदार बताया गया है तो वही दूसरी ओर सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर किन नियमों के तहत 18 नंबर की वेटिंग लिस्ट वाले पूर्व बीआरसीसी समन्वयक मनोज केशरवानी को प्रथम प्राथमिकता देकर पुनः निवास गृह ब्लॉक पर पदस्थ करते हुए बीआरसीसी समन्वयक जनपद शिक्षा केंद्र ब्यौहारी बनाए गए है। जबकि उनके पूर्व में बहुत सारे कर्मचारी उस पद की प्राथमिकता को रखते हैं और उनसे कहीं अधिक नंबर प्राप्त कर अपनी काबिलियत का प्रमाण दिया है इस पर एक कहावत जरूर चरितार्थ होती है।
अंधेर नगरी और चौपट राजा..टका सेर भाजी टके सेर खाजा।
विशेष सूत्रों अनुसार गोकुल बाबू के मैनेजमेंट पर रितेश के सफेद पोशाक में लिपटी गुलाबी कली के आदेश अनुसार नाच रहे सभी संबंधित अधिकारी।
