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मुख्यालय में संचालित छात्रावास और आश्रमों के अधीक्षकों द्वारा ग्रीष्मकालीन सत्र में अब सूखा होगा दूर वरिष्ठ कार्यालय आदेश भागवताचार्य।

कभी शासन तो कभी राज्य शिक्षा केंद्र तो कभी नियम विरुद्ध किए जा रहे संबंधित अधिकारियों के द्वारा आदेश कुछ दिन पहले बीआरसीसी समन्वयक व्यौहारी और बुढार में किया गया नियम विरुद्ध स्थानांतरण कर पदस्थ। जबकि संचालन राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के द्वारा किया गया स्पष्ट आदेश नहीं हो सकते गृह ब्लॉक पर कोई भी अधिकारी पदस्थ। 

एक ऐसा ही मामला अब मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी को गुमराह कर बाबुओं ने कराया गर्मी का सूखा दूर करेंगे छात्रावास अधीक्षक वरिष्ठ कार्यलय से अजीबो-गरीब हुआ आदेश।



रिपब्लिक न्यूज शहडोल।

शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत भ्रष्टाचार चरम सीमा को पार करते हुए शहडोल जिले में संबंधित विभाग अधिकारी। अब वरिष्ठ कार्यालय से अधिकारियों को गुमराह कर बाबू और कुछ प्रभारी अधिकारी मिलकर अजीबो-गरीब तरीके से फरमान जारी करवाने में आमद है जिस पर कुछ आदेश शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए शासन के निर्देशों और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जिले में बैठे वरिष्ठ अधिकारी आदेश पारित कर रहे हैं।

ऐसा माना जाता है कि सफेद पोशाक में लिपटी गुलाबी कली के आदेश अनुसार नाच रहे संबंधित विभाग अधिकारी - कर्मचारी।

मुख्यालय के एक वरिष्ठ कार्यालय सहायक उपायुक्त से आदेश हुआ बर्ष 2008 में पदस्थ सभी छात्रावास आश्रम अधीक्षकों को विधालय में पदस्थ किया जाए। लेकिन विशेष सूत्रों अनुसार विधालय में पदस्थ करने का आदेश एक बहाना है गर्मी के सीजन में सूखा दूर करेंगे यह काम में लगाना है। छात्रावास अधीक्षक के लिए आदेश को पारित करते समय शायद अधिकारी भूल गए अपनी सीमाएं और अजीबोगरीब आदेश कर दिए पारित। जिससे सभी छात्रावास अधीक्षक मजबूर हैं आदेश को मानने में शासन के पास कई प्रकार के फंड जिसमें मुख्यालय जिला अंतर्गत संचालित कई प्राइवेट कंपनियों के द्वारा शासन के खजाने में सी यार मद जमा होते हैं। इस मद से कई शासकीय कार्यालयों में कई सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ जल के साथ कूल वाटर फिल्टर सहित उपलब्ध कराई गई है। और भी शासन के द्वारा कई ऐसे मद हैं जिनसे गर्मी तो क्या अगर कभी बरसात ना हो तब भी सूखा दूर कराया जा सकता है। 

लेकिन बाबूओं की सफलता उनके चपलता और चाटुकारिता से अधिकारियों को गुमराह कर अजीबोगरीब फरमान आदेश जारी करवा कर संबंधित कर्मचारियों को बेवजह परेशान भी करते रहते हैं क्या छात्रावास अधीक्षकों के पास कोई ऐसा मद शासन से प्राप्त होता है जिससे इस अजीबोगरीब आदेश से गर्मी के मौसम में गर्मी से होने वाले सूखे दो दूर कर सकें अगर ऐसा है तो बहुत अच्छा आदेश अधिकारियों का जिले में गर्मी के समय ग्रीष्मकालीन भागवत कथा श्रवण करने में उपायुक्त  कल्याण विभाग से इस अजीबोगरीब आदेश जब पारित करवाया गया। तो क्या अधिकारी यह जानकारी से कंफर्म है या अधिकारी को गुमराह कर यह आदेश पारित कराया गया जिसमें वर्ष 2008 में नियुक्त संविदा अधीक्षकों को गर्मी के समय सूखा दूर कराना होगा जबकि यह नियुक्त अधीक्षक पूर्व से ही माध्यमिक शिक्षा आदेश अनुसार शिक्षक बनाए जा चुके हैं। और इनका पदस्थापना भी किया जा चुका है यह बात भी लिखित है आदेश 31 मार्च 2023 को बना है जिसमें 1 माह बाद विकास खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय को भेजा गया।  

उपायुक्त महोदय को गुमराह कर बाबुओं के द्वारा आदेश जारी करवाया जा रहा है।

जबकि माध्यमिक शिक्षक के आदेश वरिष्ठ कार्यालय से पूर्व में जारी किया जा चुका है तथा क्रमोन्नति भी दी जा चुकी है। लेकिन तिवारी जी के भागवत कथा आदेश अनुसार अमानत में खयानत कर गर्मी में सूखा दूर कराया जा रहा है। क्योंकि आदेश वरिष्ठ कार्यालय से है इसलिए चुपचाप सभी को एक साथ कार्यालय में न बुलाकर 4/4- 5/5 या 3/3 की संख्या में बुलाकर आदेश दिया जा रहा है की वर्ष 2008 में पदस्थ सभी छात्रावास अधीक्षक गर्मी में सूखा दूर करें अलग-अलग समय अलग-अलग दिन को आप लोगों को कार्यालय आना है और वरिष्ठ कार्यालय के अधिकारी द्वारा आदेश का पालन कर अपनी जनभागीदारी निभाइए।

 जबकि शासन के द्वारा ही इनको माध्यमिक शिक्षक पदस्थ किया गया है। छात्रावास अधीक्षकों को छात्रावास आश्रमों में शासन के आदेश अनुसार ही पदस्थ किया गया था। जिसमें किसी वरिष्ठ अधिकारी या कार्यालय के आदेश लागू नहीं होते हैं।

 वर्ष 2008 में पदस्थ सभी छात्रावास अधीक्षक परीक्षा उत्तर करने के पश्चात छात्रावास आश्रमों में पदस्थ हुऐ थे।

विशेष सूत्रों अनुसार अधीक्षकों को वरिष्ठ कार्यालय बाबू के मिली भगत से तिवारी बाबू भागवताचार्य कथा का वाचन कर बुला रहे ।

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