शिक्षक दिवस पर विद्यालय में आयोजित हुआ गरिमामय कार्यक्रम।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका पर डाला प्रकाश।
रिपब्लिक न्यूज़।।
शहडोल मुख्यालय देश सभी विद्यालयों में महान शिक्षाविद एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 05 सितंबर को सांदीपनि विद्यालय ब्यौहारी में शिक्षक दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारत के समस्त शिक्षकों के सम्मान को समर्पित रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त शिक्षक हरिशरण द्विवेदी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर भोपाल आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल माननीय मंगु भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का सजीव प्रसारण जिले के विभिन्न विद्यालयों में सुना एवं देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों में लाइव प्रसारण सुनने एवं देखने की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त शासकीय शिक्षक हरिशरण द्विवेदी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डी.एल. मिश्रा, समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य पी.एल. मिश्रा ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि अपने दायित्वों और जिम्मेदारियों को याद करने का भी दिन है। शिक्षक का कार्य केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की जानकारी देना नहीं है, बल्कि उनके चरित्र, व्यक्तित्व एवं भविष्य का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने आचरण, व्यवहार और विचारों के माध्यम से विद्यार्थियों के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करता है।
प्राचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बदलाव हो रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों एवं तकनीकों को अपनाते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनकी सीख को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
इसके पश्चात विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए तथा शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की।
कार्यक्रम का समापन जितेंद्र कुमार त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत शानदार गीत के साथ हुआ।
