रिपब्लिक न्यूज़।।
शहडोल मुख्यालय मध्यप्रदेश के उमरिया जिला के संजय गांधी ताप विद्युत गृह पाली अपने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रहने वाला संजय गांधी ताप विद्युत गृह एक बार फिर सुर्खियों में है।
इस बार मामला शिपिंग कॉम्पलेक्स स्थित बैडमिंटन क्लब में काम कर रहे एक ठेका मजदूर के घायल होने का है।
हादसे ने एक बार फिर परियोजना प्रबंधन, सिविल विभाग और सेफ्टी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के शिपिंग कॉम्पलेक्स स्थित बैडमिंटन क्लब में मरम्मत कार्य चल रहा था।
इसी दौरान सिविल विभाग में कार्यरत ठेका मजदूर हीरालाल महोबिया काम करते समय अचानक पैर फिसलने से नीचे गिर गया। गिरने से मजदूर को गंभीर चोटें आईं।
वहीं घटना के बाद पीडित को आनन-फानन में उसे संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे शहडोल रेफर कर दिया गया।
वहीं बताया जा रहा है कि जिस समय मजदूर काम कर रहा था, उस दौरान उसने आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं पहन रखे थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन कौन करवा रहा है।क्या मजदूरों को काम शुरू करने से पहले सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं या फिर केवल कागजों में ही सुरक्षा व्यवस्था पूरी दिखाई जाती है।
संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र जैसे बड़े औद्योगिक संस्थान में मजदूरों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन बार-बार सामने आ रही घटनाएं प्रबंधन के सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। सिविल विभाग और सेफ्टी ऑफिसर की जिम्मेदारी होती है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन हो, लेकिन इस हादसे के बाद उनकी निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सेफ्टी ऑफिसर और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्या करते हैं। क्या मजदूरों को बिना सुरक्षा इंतजाम के काम करने की अनुमति दी जाती है। क्या कार्य शुरू होने से पहले सुरक्षा जांच की जाती है या फिर हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलती है।
ठेका मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद प्रबंधन केवल जांच की बात करता है या फिर वास्तव में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाता है।