रेत का काला खेल, घुंनघुटी चौकी क्षेत्र में रात के अंधेरे में फल-फूल रहा रेत उत्खनन का अवैध कारोबार।
संबंधित बीट प्रभारी चौकी क्षेत्र में रेत के अंधेरे में फल-फूल रहे अवैध कारोबार से अंजान।
दिव्य प्रकाश और मथुरा के मिली भगत से हो रहा इन क्षेत्रों में रेत का अवैध उत्खनन कारोबार।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय उमरिया जिले के घुनघुटी चौकी अंतर्गत बकेली और बलवई शहडोल जिले का सीमावर्ती क्षेत्र में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन कारोबार का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। विभागीय एवं स्थानीय सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी मानें तो यहां इस अवैध रेत उत्खनन के नाम पर हर रात काले कारोबार की गूंज सुनाई देती है।
जबकि आरोप है कि बिजौरी के यादव बंधु खुलेआम अवैध रेत उत्खनन कर प्रशासनिक नियमों को धाता बता रहे हैं और पूरे खेल को संरक्षण देने के लिए मोटी रकम का लेन-देन भी हो रहा है।
मैनेजमेंट में बताया जा रहा है कि एक कंपनी का मैनेजमेंट दिव्य प्रकाश के साथ विजय और अमन नामक कथित संरक्षणकर्ताओं मथुरा के सहारे यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा है।
सूत्रों अनुसार आरोप यह भी हैं कि प्रति डग्गी ₹10,000 हजार रुपए का प्रतिमाह नजराना संबंधित थाना स्तर तक पहुंचाया जाता है, जिसके बाद अवैध रेत उत्खनन से भरे वाहन बेखौफ होकर रातभर सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही शाम ढलती है, नदी-नालों के किनारे मशीनों और डग्गियों की आवाजें गूंजने लगती हैं। पुरे रात के अंधेरे में रेत उत्खनन का यह काला कारोबार तेजी से परवान चढ़ता है।
सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक डग्गी प्रतिदिन 4 से 5 ट्रिप का कारोबार कर रहे है, जिससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध रेत उत्खनन के कारण क्षेत्र की सड़कों की हालत बिगड़ चुकी है, नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से आमजन परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
सबसे पहले सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे अवैध रेत उत्खनन कारोबार की भनक स्थानीय पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग को क्यों नहीं लग रही है।
जांच का विषय बना क्या यह पूरा खेल संरक्षण और सांठगांठ के दम पर संचालित हो रहा है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित खनिज विभाग अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रेत के अवैध उत्खनन कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन को हो रहे राजस्व नुकसान पर रोक लग सके और क्षेत्र में कानून का राज कायम हो।