Top News

शासकीय विद्यालय ने 97.5 प्रतिशत का शानदार परीक्षा परिणाम दर्ज कराकर संकूल का नाम किया रोशन।

शिक्षा के क्षेत्र में 'शासकीय हाई स्कूल करकटी' का परचम: 97.5% परिणाम के साथ क्षेत्र का मान बढ़ाया।


रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय मध्यप्रदेश शासन ने आज राज्य शिक्षा केंद्र ने कक्षा 10वीं 12वीं रिजल्ट प्रकाशित- प्रसारित किया है। जिसमें शिक्षा जगत में आज उस समय खुशी की लहर दौड़ गई। जिस में जिले के एक नाम शासकीय हाई स्कूल करकटी का बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। विद्यालय ने 97.5 प्रतिशत का शानदार परीक्षा परिणाम दर्ज कराकर न केवल अपनी गुणवत्ता को सिद्ध किया, बल्कि ग्रामीण परिवेश में शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान और शिक्षकों की निष्ठा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।

सफलता के आंकड़े और विद्यार्थियों का प्रदर्शन।शिक्षा के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष कुल 40 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। इनमें से 39 विद्यार्थियों ने सफलता का परचम लहराते हुए विद्यालय को गौरवशाली स्थिति में ला खड़ा किया है। छात्रों के परीक्षा परिणाम का श्रेणीवार विवरण 

प्रथम श्रेणी: कुल 6 विद्यार्थियों ने मेधावी बनकर प्रथम श्रेणी प्राप्त की है।द्वितीय श्रेणी: सर्वाधिक 18 विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण होकर सफलता प्राप्त की है।तृतीय श्रेणी: 15 विद्यार्थियों ने भी कड़ी मेहनत से परीक्षा उत्तीर्ण की है।इस प्रकार, 97.5% का उत्तीर्ण प्रतिशत न केवल उन विद्यार्थियों की मेहनत को दर्शाता है, बल्कि उस शिक्षण पद्धति पर भी मुहर लगाता है जिसे विद्यालय के अनुभवी शिक्षकों द्वारा अपनाया गया था।

प्राचार्य और शिक्षक टीम का समर्पित मार्गदर्शन।

किसी भी शिक्षण संस्थान की सफलता के पीछे उसके नेतृत्व और शिक्षकों के अथक प्रयासों का बड़ा हाथ होता है। शासकीय हाई स्कूल करकटी के प्राचार्य राजेश कुमार मिश्रा का नेतृत्व इस सफलता का मुख्य स्तंभ रहा है। प्राचार्य ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ रखा, बल्कि विद्यार्थियों के साथ व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनके मनोबल को सदैव ऊंचा बनाए रखा।

विद्यालय के शिक्षक मंडल में रविशंकर द्विवेदी, विमला पटेल एवं सविता सोनी जैसे अनुभवी शिक्षकों ने विषय आधारित कठिनाइयों को दूर करने और पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी। इसके अतिरिक्त, विद्यालय में कार्यरत अतिथि शिक्षकों प्रभा मिश्रा एवं सरिता मिश्रा का योगदान भी अत्यंत सराहनीय रहा है। 

उन्होंने अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से कमजोर विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रेरणा

शासकीय हाई स्कूल करकटी का यह परिणाम उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो मानते हैं कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर नहीं है। संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद, अध्यापकों ने अपनी रचनात्मक और समर्पित शैली से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारा है।

इस सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने विद्यालय परिवार को बधाई दी है।अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों ने न केवल किताबी ज्ञान दिया, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास का संचार भी किया है।

भविष्य की राह प्राचार्य राजेश कुमार मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह सफलता हमारे विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षक टीम के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। हम आने वाले वर्षों में इस सफलता के ग्राफ को और ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य प्रत्येक छात्र को न केवल उत्तीर्ण कराना है, बल्कि उन्हें सर्वांगीण विकास के अवसर प्रदान करना है।"विद्यालय प्रबंधन ने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं और जो विद्यार्थी इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी पुनः प्रयास के लिए प्रेरित किया है। करकटी जैसे छोटे से कस्बे के इस विद्यालय ने यह दिखा दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो सफलता के नए आयाम गढ़े जा सकते हैं।

अंचल में इस समय शासकीय हाई स्कूल करकटी की चर्चा हर जुबान पर है और यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अन्य विद्यालयों के लिए एक 'रोल मॉडल' बनकर उभरा है।

Previous Post Next Post