माननीय मुख्यमंत्री महोदय, मध्यप्रदेश शासन भोपाल के नाम
कलेक्टर जिला शहडोल को सौंपा गया ज्ञापन।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय मध्यप्रदेश शासन के निर्देश अनुसार पुरे देश में संचालित सभी शासकीय शिक्षकों को टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण सेवा में लगभग 20 से 25 वर्षा से कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी पात्रता परीक्षा अनिवार्यता के आदेश को स्थगित / निरस्त किए जाने का आवेदन।
आयुक्त लोक शिक्षण मप्र भोपाल द्वारा दिनांक 02.03.2026 को जारी निर्देश के अनुक्रम में टीईटी परीक्षा के विरोध में सौंपा ज्ञापन।
सविनय निवेदन है कि मप्र में कार्यरत ऐसे शिक्षक जिनकी सेवा अवधि लगभंग 20 से 25 वर्ष हो चुकी है। कुछ शिक्षकों की सेवा निवृत्ति भी निकट है उन्हे भी शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है।
उक्त आदेश से अत्याधिक संख्या में शिक्षक प्रभावित होगें शिक्षक पात्रता परीक्षा का मुख्य उद्देश्य नई नियुक्तियों हेतु न्यूनतम शैक्षणिक गुणवला सुनिश्चित करना है, न कि दीर्घकाल से कार्यरत शिक्षकों को सेवा से वंचित करना है। सेवा के अन्तिम वर्षों में ऐसी परीक्षा की अनिवार्यतः प्राकृतिक न्याय एवं सेवा सुरक्षा के सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है।
सामान्य परिस्थितियों में विभिन्न राज्यों तथा न्यायालयों द्वारा भी ने दृष्टिकोण अमनाया गया है कि दीर्घकाल से कार्यरत शिक्षकों को सेवा सुरुक्षा प्रदान किया जाना चाहिए। लोक शिक्षण संवालनालय द्वारा टी.ई.टी परीक्षा की अनिवार्यतः से शिक्षकों में असुरक्षा की भायमा एवं भय उत्पन्न हो रहा है तथा शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।