रजिस्ट्रार की मिलीभगत से अनुबंध की जगह करा ली रजिस्ट्री।
अनुबंध के कागज दिखाकर करा दी रजिस्ट्री, नहीं दी विक्रय की राशि।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय जिला में फर्जी तरीके से हो रहा मिली भगत से रजिस्ट्री अधिकारियों का सिस्टम विभाग में कार्यरत कर्मचारियों का मैनेजमेंट। मामला फरियादी मूरली लोधी, लोचन लोधी दोनो के पिता बब्बू लोधी निवासी धनपुरी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई कि नसीर राजा पिता निवासी बुढार, वरुणेन्द्र तिवारी, विद्यासागर चैधरी निवासी शहडोल, शिव कुमार पटेल पिता तीरथ प्रसाद पटेल निवासी शहडोल एवं गंगा सागर सिंह पिता लक्ष्मण प्रसाद सिंह निवासी बाणगंगा बाईपास तिराहा सोहागपुर द्वारा धोखाधड़ी करते हुए हमारे आराजी खसरा नंबर-379/3/1 एवं 379/3/3, 379/3/4, एवं 379/3/2 व 366/2/4. 377/5/2/1/1 कुल 8 किता स्थित भूमि जो कि ग्राम-बुढार बाईपास पकरिया तिराहा के पहले हाइवे रोड़ तहसील-बुढार, के मालिक भूमिस्वामी पट्टेदार मुरली लोधी व लोचन लोधी दोनों के पिता बब्बू लोधी निवासी ज्वालामुखी मंदिर के पास, धनपुरी के नाम पर दर्ज है। हमारे द्वारा आराजी 366/2/4, 377/5/2/1/1 कुल-2 किता भूमि को पूर्व में दूसरे व्यक्ति के पक्ष में पावर ऑफ एटार्नी देकर इन दोनो भूमियों के संबंध में हमारे द्वारा राशि प्राप्त कर ली गई थी। और इन दानों भूमियों में हम प्रार्थीगणों का कोई अधिकार नहीं रहा है। मात्र हमारे पास उपप्रेक्त वर्णित भूमियां खसरा न०-379/3/1 एवं 379/3/3 379/3/4 एवं 319/3/2 कुल-4 किता भूमियां शेष बची थी।
दोस्ती की आड़ी में की धोखाधड़ी
हमारे साथ धोखाधड़ी करने वालों में से नसीर राजा एक दोस्त की तरह रहता था, जिसका हम सदैव विश्वास करते थे, और दोस्त होने के कारण हमने नसीर राजा को अपनी इन चारों किता भूमियों को विक्रय करने हेतु ग्राहक तलाशने की बात कहे थे। कुछ दिन बाद नसीर राजा हमारे पास आया, और कहा कि मैं खरीददर ढूंढ लिया हूँ, मेरे साथ आप चलो, तब उसने हमें शिव पटेल निवासी शहडोल नामक व्यक्ति से मिलवाया तब शिव कुमार पटेल हम प्रार्थीगणों को बोला कि ठीक है आपका चारो किता भूमि 2 करोड़ में लेगे। तब हमने सौदा तय किये, और सौदा तय करके शिव कुमार पटेल हम प्रार्थीगणों को सीधे गंगासागर सिंह के ऑफिस में ले गया, जहां उक्त विषयांकित ये पांचो गंगासागर सिंह के ऑफिस मे ही बैठे मिले, उक्त पांचो में नसीर राजा, वरुणेन्द्र तिवारी, विद्या सागर चैधरी, शिव पटेल, एवं गंगा सागर सिंह के सामने हम प्रार्थीगणों को कहा गया कि ठीक है, हम एग्रीमेन्ट बना लिये है, एग्रीमेन्ट निष्पादन के समय-एक करोड़ रूपए, आपको देगें, तथा एक करोड़ 15 दिन के अन्दर रजिस्ट्री कराकर रजिस्ट्री के समय ही शेष राशि देगें। इस तरह की बात हमसे कहे। और दिनांक-22.08.2025 को ही एक कच्ची एग्रीमेन्ट लिखकर हमें दिखाये, और बोले कि ठीक है, आप बैठिये, और जब हम रजिस्टार ऑफिस बुलायेगें तब आपको आना है।
अनुबंध की काॅपी दिखाकर करा ली रजिस्ट्री
मुरलीधर व लोचन लोधी ने बताया कि घोखा-घडी करते हुये उक्त लोगों द्वारा एग्रीमेन्ट के बजाय इन्होंने सीधे रजिस्ट्री टाईप करके और छलपूर्वक हमें एग्रीमेन्ट बताकर हमारा हस्ताक्षर डिजिटल के रूप में ले लिये, और बोले कि तुम्हारे साथ जितने भी आये है, वो ऑफिस के बाहर बैठे, मात्र लोचन और मुरली लोधी जो भूमि अनुबंधकर्ता है यह कहकर उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्रार के सामने बुला लिये जहां हमसे न तो जमीन के विषय में पूछा गया और न ही कितनी रकम प्राप्त किया गया, नकद/चैक से प्राप्त किया गया. किसी प्रकार से पूंछताछ नहीं की गई। और हमारा हमारा हस्ताक्षर ले करके सीधे एग्रीमेंन्ट से रजिस्ट्री करा ली गई, और रजिस्ट्री के समय 15-15 लाख का दो चेक दिये और एग्रीमेन्ट की शेष राशि 70 लाख रूपए बोले कि अभी घर में चलकर देते हैं। हमारे चारों किता भूमियों के साथ-साथ 2 किता और भूमि जिसका खसरा नं.-366/2/4, 377/5/2/1/1 जिसे हमने दूसरे व्यक्ति को पूर्व में ही विक्रय का पावर दे चुके हंै, इन भूमियों का भी हमारे आँख में धूल झोककर एग्रीमेन्ट के बजाय सीधे पूर्ण रजिस्ट्री करा लिया गया। और हमारा 1 करोड़ 70 लाख रूपए, आज दिनांक तक नहीं दिया गया। जो दो चेक हमें दिये थे, उनकी दो चेक हम प्रार्थीगणों के पास सुरक्षित है।
बकाया राशि भी नहीं दी और करा ली रजिस्ट्री
उक्त व्यक्तियों से जब शिकायतकर्ताओं ने अपने एग्रीमेन्ट भूमि का रकम मांगते है, तो उनके द्वारा कहा जाता है कि तुम साले बहुत होशियार बनते थे, हम एग्रीमेन्ट के बजाय पूर्ण रजिस्ट्री करा लिये है, अभी तुम्हे पता न होगा और तुम्हारी रकम एक रूपये भी नहीं दी जायेगी, कही भी पुलिस थाने में या न्यायालय में जाओगे, तो कोई कार्यवाही नहीं होगी। तथा हम प्रार्थीगणों ने बुढार थाने में उक्त अपराधियों के विरुद्ध रिर्पोट दर्ज कराने गये थे. इनके विरूद्ध बुढ़ार थाना में रिपोर्ट नहीं लिखी गई। जहां से निराश होकर हम प्रार्थीगण पुलिस अधीक्षक शहडोल के समक्ष पहुँचे थे। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उक्त सभी आरोपीगणों के विरुद्ध 420 का प्रकरण दर्ज कराकर इन्हें गिरफ्तार कराया जाए और कड़ी कानूनी कार्यवाही कराकर हमारी शेष रकम दिलाते हुये हमारे 2 किता अतिरिक्त भूमियों की रजिस्ट्री को कैसिंल करवाया जाए।