Top News

अधीक्षिका के अत्याचार और घटिया किस्म के भोजन परोसने से परेशान, आदिवासी छात्राएं छात्रावास से भागे।

वार्डन के जुल्म से भागे कन्या छात्रावास से आदिवासी छात्रा।

छात्रावास अधीक्षिका वार्डन के ऊपर लगे कई आरोप।

घटिया किस्म के भोजन और परेशान करने का छात्राओं ने वार्डन पर लगाया आरोप। 




रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल // मुख्यालय मध्य प्रदेश के शहडोल जिला से एक ऐसा मामला सामने आया है, छात्रावास में रह कर पढ़ाई कर रहे छात्राओं ने वार्डन कन्या छात्रावास अधीक्षिका के जुल्म से परेशान होकर, हाॅस्टल की दीवार कूदकर दो आदिवासी छात्रा भागे। 

जब इसकी जानकारी हाॅस्टल प्रबंधन को लगी तो हड़कंप मच गया जबकि दोनों छात्राएं अपने घर जाने के लिए बस स्टैंड शहडोल में रोती बैठी थी, लेकिन वही के स्थानीय बस स्टैंड के लोगों ने छात्राओं को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया छात्राओं के जानकारी अनुसार प्राप्त जानकारी संबंधित हॉस्टल वार्डन पर सही से खाना नहीं देने और मारपीट का आरोप लगाया गया है।

जानकारी अनुसार, यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के  कस्तूरबा गांधी कन्या छात्रावास का है जहां रविवार को दोनों छात्रा जो अनूपपुर जिला के राजेंद्र ग्राम के रहने वाली है। दोनों छात्राएं दीवार कूदकर भाग कर अपने घर को जा रही थी, दोनों छात्रा छठवीं कक्षा में पढ़ती हैं। अधीक्षिका वार्डन के अत्याचार से पीड़ित दोनों छात्राएं सामान लेकर छात्रावास से भागे। एक किलोमीटर दूर का सफर तय कर जिला प्रशासन कार्यालय जय स्तंभ चौक पहुंची वहीं से उन्होंने ऑटो लिया और बस स्टैंड शहडोल पहुंची लेकिन वहां दोनों अचानक से रोने लगी।
स्थानीय लोगों ने उन्हें रोता देखा उनका हालचाल पूछने लगे और सिटी कोतवाली थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। 

मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों छात्राओं के लेकर थाने पहुंची और परिजनों को इसकी सूचना दी. इसके बाद उन्हें जल पान कराया. उन्होंने वार्डन पर मारपीट और सही से खाना नहीं देने का आरोप लगाया वार्डन की जुल्म से परेशान होकर वो घर जा रही थीं।
इधर महिला पुलिस छात्राओं को हिरासत में लेकर कोतवाली थाने पहुंची और इस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
Previous Post Next Post