पूर्व वर्ष की तरह जिला प्रशासन की पहल पर पुनः प्रारंभ होगी जेईई एवं नीट परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग।
कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश।
सेमीनार आयोजित कर विद्यार्थियों को दी जाएगी निःशुल्क कोचिंग की जानकारी।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल अनूपपुर // मुख्यालय जनजातीय बाहुल्य अनूपपुर जिले के विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नवीन शैक्षणिक सत्र से पूर्व वर्ष की भांति निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने समीक्षा की।
बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त सरिता नायक तथा प्राचार्य गण उपस्थित थे।
कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने जेईई एवं नीट प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग प्रारंभ किए जाने की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी लेते हुए विभागीय अधिकारियों को कोचिंग के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कक्षा 11 वीं एवं 12 वीं के विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट की निःशुल्क कोचिंग के संबंध में जानकारी दी जाए तथा इसका लाभ उठाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने निःशुल्क कोचिंग के वार्षिक कैलेण्डर का निर्धारण कर उसके अनुरूप अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व वर्ष की तरह ही कोचिंग हेतु विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कोचिंग के सिलेबस के चैप्टर कम्पलीट होने पर विद्यार्थियों का टेस्ट भी समय-समय पर लिए जाए। जिससे विद्यार्थियों के पढ़ाई का स्तर ज्ञात हो सके। बैठक में उन्होंने विषयवार विषय विशेषज्ञों के चयन तथा सिलेबस के मॉड्यूल तैयार किए जाने के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने जेईई एवं नीट प्रतियोगी परीक्षाओं के निःशुल्क कोचिंग प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को सेमीनार के माध्यम से जानकारी देने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की पहल पर जिले के विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूर्व वर्ष में निःशुल्क कोचिंग प्रारंभ कराई गई थी। जिसमें जिले के 11 विद्यार्थी नीट परीक्षा में तथा जेईई में 01 विद्यार्थी ने कोचिंग के माध्यम से सफलता अर्जित की। कोचिंग का समय-समय पर कलेक्टर आशीष वशिष्ठ तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा द्वारा मॉनीटरिंग की गई तथा विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारी ने समय-समय पर विषय विशेषज्ञों को भी मार्गदर्शन प्रदान किया तथा कोचिंग की समीक्षा की।