पूर्व प्रभारी अधिकारी के भ्रष्टाचार का किया जाएगा विधानसभा में प्रचार प्रसार।
समिति के माध्यम से खरीदी सामग्री में किया गया भ्रष्टाचार।
कंपनी के द्वारा बंद किए हुए वर्जन सिस्टम का खरीदे गए कंप्यूटर सेट के साथ और भी सामग्री और नए वर्जन सिस्टम का करोड़ों रुपए राशि का भुगतान किया गया।
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत खरीदी गई सामग्रियों की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लेने के लिए चालान की राशि का भुगतान भी किया जा चुका है।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // मुख्यालय के कई विभागों की जांच की जाए तो शासकीय राशि में किए गए भ्रष्टाचार का अम्बर लग जाएगा।
लेकिन जिला के सिर्फ शिक्षा विभाग के द्वारा खरीदे गए सामग्रियों और शासन से प्राप्त राशियों का सही जानकारी और जांच किया जाए तो करोड़ों रुपए की जगह अरबों रूपए का भ्रष्टाचार भुगतान निकल कर सामने आएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों और पदस्थ शाखा प्रभारी के द्वारा समय सीमा निकालने के उपरांत भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
खरीदे गए सामग्रियों का बिल वाउचर कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने की जानकारी संबंधित विभाग के विशेष सूत्रों से प्राप्त हो रहा है जिस पर संबंधित विभाग के कार्यालय प्रमुख अधिकारी इस खरीदी से अनजान है जिनके द्वारा किया जा रहा है लगभग दो करोड़ 55 लाख का भुगतान?
विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी संबंधित विभाग के द्वारा खरीदी सामग्री समिति के सदस्य को ही खरीदे गए सामग्रियों की जांच अधिकारी बनाया गया। इस खरीदी सामग्री का शाखा प्रभारी ही प्रमुख है अधिकारी।
जिला के जिन विद्यालयों में खरीदी सामग्री भेजी गई है उन विद्यालयों के प्रमुख जानकारी और सामग्री दिखने में भी आनाकानी कर रहे हैं अगर हमारे विद्यालय का नाम आया या हमारा नाम आया तो हम कहीं के नहीं रहेंगे वरिष्ठ कार्यालय के अधिकारी द्वारा हमें निर्देश मौखिक रूप से दिया गया है।
मुख्यालय अंतर्गत जिला प्रशासन कार्यालय में फैले व्यापक भ्रष्टाचार। जिला के सभी विभागों में खुलेआम लूट और भ्रष्टाचार कहीं शिक्षक के नाम पर तो कहीं कार्यक्रम के नाम पर तो कहीं खरीदी के नाम पर वही शिक्षा विभाग के द्वारा विभागीय कार्यों के अधूरे कार्य लेकिन भुगतान हो रहे पूरे। कई ऐसे जगह जहां पर एडवांस निकाली गई शासन की राशि और खेली गई खुलकर उस राशि की होली जिस पर अधिकारियों को नहीं है किसी प्रकार से जानकारी आज भी बने हैं अंजान।
सीएम हेल्पलाइन के शिकायतों का खुलेआम उड़ा रहे धज्जियां सीएम हेल्पलाइन के संबंधित अधिकारी के मिलीभगत से हो रहा खुलेआम भ्रष्टाचार कथा का प्रसाद वितरण।
शहडोल मुख्यालय के कई विभागों में शासकीय राशि का जम कर भ्रष्टाचार हो रहा खुलेआम अधिकारी कर रहे अपने कर्तव्यों का निर्वाह।
जिला के अधिकारियों पर किसी का नहीं रोक इससे पहले पूर्व में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की होली खेली गई शिक्षा समिति के नाम पर पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त थर्ड ग्रेड कर्मचारी क्षेत्र संयोजक के साथ अपने उच्च मिले प्रभार का किया दुरुपयोग और जिला शिक्षा समिति को कर दिया करोड़ों का फर्ज़ी भुगतान जिस पर कार्यरत कर्मचारियों को छोड़ संस्था के खातों में जिला कोषालय अधिकारी की मिलीभगत से 2 खातों में किया पांचवें वेतनमान एरियर राशि का भुगतान। जिस पर जांच अधिकारी का सही जांच नहीं भेजा गया लोकायुक्त कार्यालय भोपाल संभागायुक्त के निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए नहीं भेजा गया लोकायुक्त भोपाल कार्यालय जांच कमेटी की जानकारी। जिस पर पुर्व सहायक आयुक्त एमएस अंसारी दोषी और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए साथ में उनके सहायक कार्यालय में पदस्थ बाबू जो 20 वर्षों से अंगद की पांव की तरह जमे हुए हैं।
जिनके इशारे पर चलता है पूरा कार्यालय तत्कालीन कलेक्टर को गुमराह कर अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के कार्यरत कर्मचारियों का पांचवें वेतनमान एरियर राशि का भुगतान जो उनके खातों पर करना था उस राशि का भुगतान संस्था के खातों पर किया गया संस्था प्रमुख शिव प्रसाद पांडे ने अधिकारियों के साथ मिलकर पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एम एस अंसारी जिला कोषालय अधिकारी राम मिलन सिंह और कार्यालयों के कुछ बाबू के साथ मिलकर उस राशि का भुगतान संस्था के खातों में करवाएं और उस राशि का अपने रिश्तेदारों को भुगतान किया जो रिश्तेदार कभी विद्यालय देखें भी नहीं उन रिश्तेदारों के खातों पर 10 10/ 11 11 लाख रुपए का भुगतान किया गया। जिला कोषालय अधिकारी की सबसे बड़ी लापरवाही नहीं काटा गया इनकम टैक्स की राशि इतने बड़े भुगतान का क्यों नहीं काटा गया इनकम टैक्स की राशि क्या इस बात की जानकारी जिला कोषालय अधिकारी दे सकते हैं।
जिनके कार्यों पर सवालिया निशान उठ रहा है और शासन को करोड़ों रुपए की राशि से वंचित कर दिया।

