जिला मुख्यालय परिसर का निर्माण चढ़ा भ्रष्टाचार का भेंट।
बर्षो से लगे सौर पैनल जंग खा कर कर राहे रौसन।
ठेकेदार एवं संबंधित विभाग जिम्मेदार अधिकारी की मिलीभगत से आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं।
घटिया कार्य सहित अन्य सामग्री मिलाकर किया जा रहा निर्माण कार्य ।
सरकार की छवि को धूमिल करने में तुले ठेकेदार
एक और मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है वहीं कुछ ऐसे ही लोग हैं जो सरकार की छवि को धूमिल करने में तुले हुए हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है। जिले के परिसर का अंतर्गत जहां शासन के द्वारा तहसील कार्यालय का नवीनीकरण और छात्रा वास परिसर में बाउंड्री निर्माण कार्य के लिए कार्य कराया जा रहा वही ठेकेदार एवं इंजीनियर की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा जहां घटिया ईटा का प्रयोग करके धड़ाके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।जो कुछ ही दिनों में खंडहर में तब्दील हो जाएगा वही बात की जाए सीमेंट एवं बालू की सामग्री मिलाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।लेकिन सीमेंट के जगह राखड़ का मिलाकर निर्माण कार किया जा रहा वहीं शासन के नियम अनुसार न निर्माण कार्य करा कर नियम के विपरीत निर्माण कार्य कराया जा रहा है इसमें ठेकेदार सहित संबंधित की लापरवाही सामने आई इस संबंध में जहा भी इनके द्वारा निर्माण कराया गया है इनके ऊपर गंभीर आरोप भी लगाया गया है जहां बाउंड्री निर्माण कार्य का देखते हुए भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया गया है वहीं फोटो एवं वीडियो को छोड़कर साफ देखा जा रहा है किस तरह के माटेरियल का प्रयोग किया जा रहा वहीं दीवारों में निर्माण कार्य में सीमेंट की जगह लाखन का प्रयोग मिलाकर किया जा रहा है।जहां बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है।वही ठेकेदार के द्वारा जिला प्रशासन से जांच कराने के लिए मांग की गई है अब यह देखना होगा कि कलेक्टर परिसर में बने गार्डन और कार्यालय के कायाकल्प निर्माण कार्य की जांच होती है कि यूं ही भ्रष्टाचार का भेंट पूरी तरह से चल जाएगा जहां ठेकेदार एवं संबंधित की मिलीभगत सामने आई है।