रेत की अवैध तस्करी वन विभाग क्षेत्रों में अवैध उत्खनन का चल रहा कालाबाजारी करोबार व्यापार।
संबंधित विभाग अधिकारी क्षेत्र के शासकीय कर्मचारी की मिलीभगत से हो रहा रेत का अवैध व्यापार।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत तीनों जिलों में चल रहा अवैध उत्खनन का करोबार सारे आम हो रहा व्यापार मुरुम, पत्थर से लेकर रेत उत्खनन का करोबार चल रहा रात के अंधेरे में जोरों पर व्यापार, भले ही जिला प्रशासन संबंधित विभाग अधिकारी और पुलिस प्रशासन अवैध कारोबार को पनपने से रोकने के लाख प्रयत्न कर रहे है। लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं संबंधित विभाग अधिकारी और थाना प्रभारी।
सोन और सरफा नदी क्षेत्र में हो रहे रेत उत्खनन के अवैध कारोबार में संबंधित थाना प्रभारी ने बताया कि घर के उपयोग कार्य के लिए एक य दो बोरियों में लेजाने की जानकारी प्राप्त हुआ है।
मुख्यालय के तीनों जिलों कि जीवनदायिनी प्रदान करने वाली सोन नदी में हो रहे रेत का अवैध उत्खनन कारोबार स्थानीय जनप्रतिनिधि और अवैध खनन कारोबार माफियाओं का कारोबार व्यापार पांव पसार रहा है। मुख्यालय अंतर्गत शहडोल के क्षेत्र लालपुर , कंचनपुर ,सोन नदी और छाता, उधिया,नरगी सरफा नदी में चल रहा है अवैध उत्खनन कारोबार झझौरा घाट। वहीं अनुपपुर जिले के धिरौल, पटना , खमरिया क्षेत्र के टिटौली नदी और यही के नालों से लेकर वन विभाग के प्रतिबंधित क्षेत्र के नालों से रेत का अवैध उत्खनन कर प्रतिदिन शासकीय राजस्व को लाखों रुपए का चूना लगाने का काम कर रहे है।
सूत्रों के जानकारी अनुसार अनूपपुर कोतवाली एवं देवहरा चौकी अंतर्गत ग्रामीण अंचल एवं उसके आसपास के इलाकों में रेत कारोबारी अपने गुर्गों के माध्यम से खुलेआम रेत उत्खनन कर अवैध तस्करी करने का कारोबार व्यापार करवा रहे है।जिसमें ट्रेक्टर ट्राली के माध्यम से रेत निकाली जा रही है यह रेत नाले के प्रतिबंधित क्षेत्र एवं वनविभाग का रकवा के साथ साथ राजस्व क्षेत्र से निकाली जा रही है जहां से ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से सड़क तक रेत लाकर डंप कर स्टाक करते हैं और फिर ग्रामीण अंचल के राजनीतिक संरक्षण प्राप्त नेता रेत चोर के माध्यम से मेटाडोर से ग्रामीण अंचल की पुलिस व्यवस्था को भेदते हुए जिला और पुलिस प्रशासन की चौकसी पर सवाल उठाते हुए रेत का अवैध परिवहन करते हैं।
बहरहाल बगैर टीपी के रेत की आपूर्ति करते हुए लोगों से चोरी के बदले रेत की पूरी कीमत वसूलते है अब इसी पैसे से रेत चोर कौन कौन सी मिल्कियत बनाने वाले हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा। इनके दो नम्बर कमाई के असल मायने लोगों में दहशत फैलाकर अपनी हुकूमत कायम रखना है, इस मामले में आयकर और पुलिस सूक्ष्मता से जांच करें तो इनकी अवैध रेत परिवहन करने वाले वाहनों पर प्रतिदिन डीजल की कितनी खपत होती है यह जानकारी सही दिशा प्रदान करेंगे।
गौरतलब हो कि पटना एवं बेम्हौरी क्षेत्र से अनूपपुर एवं शहडोल सेमरा, पकरिया, जरवाही, लालपुर, उधिया, नरगी,छाता से लगे सरफा नदी कंचनपुर, जमुई, नवलपुर, के साथ साथ पटासी के क्षेत्र में सोन नदी से रेत का अवैध खनन कारोबार चल रहा है और वही उमरिया जिले की सीमाओं को भेदकर चोरी की रेत शहर तक पहुंचना मथुरा यादव नामक व्यक्ति के द्वारा इतना आसान हो रहा है। जबकि सोहागपुर थाना, और वन विभाग द्वारा जांच चौकी शहडोल मुख्यालय क्षेत्र पर स्थित है। लेकिन इसके बावजूद भी अवैध कारोबार परवान चढ़ रहा है तो यहां कार्य के लिए संबंधित विभाग अधिकारी पुलिस या यातायात, खनिज, वनविभाग के चौकसी पर प्रश्न चिन्ह लगना संदेह को जन्म दे रहा है।
