जिला में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार के साथ-साथ शासन प्रशासन के नियम कानून निर्देशों की धज्जियां उड़ाते जिला प्रशासन और संबंधित विभाग अधिकारी।
क्षेत्रीय विधायक को किया गया नज़र अन्दाज़ जिनका है राज्य में सरकार।
संबंधित विभाग अधिकारियों के मिली भगत से करोड़ों रुपए राशि का खेल गए होली ननिहाल बच्चों के मुंह से छीन रहे रोटी।
राज्य शिक्षा केन्द्र के द्वारा विद्यालयों को किया गया राशि का भुगतान। लेकिन विद्यालयों से लापता है खेल सामग्री और बच्चों के लिए बैठक व्यवस्था कुर्सी टेबल।
जबकि राशि का वितरण और खरीदी का बिल हो गया राज्य शिक्षा केन्द्र के विभागों में पास।
रिपब्लिक न्यूज शहडोल म.प्र.।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत शिक्षा विभाग में कई प्रकार के कारनामे उजागर होने के बाद भी कार्यवाही ठंडे बस्ते पर कार्यवाही के नाम पर शुन्य रहते हैं संबंधित विभागों में कार्यरत पदस्थ अधिकारी ।
जिले के दो वरिष्ठ अधिकारियों के पास लिखित में हुआ रहा शिकायत लेकिन नहीं हो रहा निराकरण।
सीएम हेल्पलाइन और जन सुनवाई बना अधिकारियों की उगाही हेल्पलाइन नहीं होगे कोई कार्रवाई।
शासन के मन्शा अनुसार सभी के साथ न्याय हो जिस कारण राज्य सरकार द्वारा एक योजना की शुरुआत किया गया । सप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को दिन सुनिश्चित किया गया। जिसमें संबंधित अधिकारियों के द्वारा शिकायतकर्ता को तत्काल उसके शिकायत दर्ज पर कार्यवाही किया जाए। और पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाया जाए लेकिन जनसुनवाई शिकायत आवेदन पत्र रखे जा रहे है ठंडे बस्ते पर नहीं हो रही किसी प्रकार की कार्यवाही।
संबंधित विभाग अधिकारी के द्वारा शिकायतकर्ता के ऊपर एफ आई आर दर्ज करने की मिल रही धमकी।
भ्रष्टाचार की अब कौन करेगा जांच क्या कोई भी जिले में एक ऐसा अधिकारी नहीं जो लगा सके इन भ्रष्टाचारियों के ऊपर लगाम जिन्होंने अपने निजी स्वार्थ के पीछे विद्यालय शिक्षा के मंदिर तक का पैसा भी कर ले रहे हज़म।
जिले के सभी विद्यालयों की जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी की तरह हो जाएगा साहब साफ।
जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में खेल सामग्री के साथ साथ विद्यालय में बैठक व्यवस्था भी बच्चों के लिए करवाने हेतु राज्य शासन के द्वारा कक्षा पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक सभी शासकीय विद्यालयों में राशि भेजी गई है।
लेकिन जिले के संबंधित विभाग अधिकारियों के द्वारा उस राशि का भुगतान कर दिया गया है। लेकिन आज भी बहुत सारे विद्यालयों में नहीं भेजा गया खेल सामग्री। पुरे जिले के विद्यालयों में एक ही दुकान निर्धारित किया गया खरीदी के लिए।
एक ही दुकान से एक जनपद शिक्षा केंद्र के विद्यालयों में बिल भेजा गया जांच उपरांत क्या है सच्चाई साफ आईने की तरह हो जाएगा।
संचालन राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के आदेश पत्र के अनुसार नियम निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन । अधिकारियों के द्वारा नियम विरुद्ध स्थानांतरण कर पदस्थ किए गए बुढार और व्यौहारी जनपद शिक्षा केंद्र विकासखंड में बीआरसीसी की नियुक्ति।
नियम विरुद्ध स्थानांतरण करने के संबंध में मुख्यालय के साथ-साथ जिला प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत पत्र भी दी गई साथ में जनसुनवाई के माध्यम से आयुक्त महोदय के कार्यालय में दर्ज कराई गई और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। लेकिन 15 दिवस बीत जाने के बाद भी अधिकारियों के द्वारा नहीं किया गया किसी प्रकार से कार्यवाही।
क्षेत्रीय विधायक को किया नज़र अंदाज़। यहां पर चलता है हमारा राज हम है यहां के राजकुमार यह है हमारा सरकार।
चोर चोर माओशेरे भाई के तर्ज पर हुआ पूर्व बीआरसीसी समन्वयक की नियुक्त पूर्व बीआरसीसी के भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए बीआरसीसी समन्वयक की नियुक्ति किया गया था अब फिर से खुल ना जाए राज, ग्रह ब्लॉक में नियुक्त हो गए पूर्व बीआरसीसी समन्वयक व्यापार।
