तीन विधायक एक सांसद और प्रभारी मंत्री के साथ साथ संभाग के मुखिया आयुक्त महोदय जिला कलेक्टर महोदय के साथ आई ए एस अधिकारी अपर कलेक्टर के जांच को मात देता शिक्षा माफिया अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक।
शहडोल जिला के जयसिंह नगर जनपद पंचायत अंतर्गत संचालित है अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के विद्यालय।
विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों और शिक्षकों के पांचवें वेतनमान एरियर राशि का किया गया बंदरबांट।
आठ करोड़ बत्तीस लाख 91 हजार 309 रुपए के राशि के भ्रष्टाचार का इबादत लिखता जिला प्रशासन शहडोल।
रिपब्लिक न्यूज ।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत जिले में बढ़ते भ्रष्टाचार को अनदेखा करते संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारी।
भ्रष्टाचार में मैनेजमेंट को पार करता जिला शहडोल।
पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के कारनामे।
शिव के प्रसाद में एमएस अंसारी ने पिलाया सब को 8 करोड़ 32 लाख 91 हजार 309 रुपए राशि का भांग ।
अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति में कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों के पांचवें वेतन मान एरियर राशि का फर्जी भुगतान 8 करोड़ 32 लाख 91 हजार 309 रुपए । तत्कालीन कलेक्टर को गुमराह करते हुए प्रभारी मंत्री के पत्र पर लीपापोती कर अनगिनत स्थानीय शिक्षकों का फर्जी तरीके से स्थानांतरण किया गया जिनमें अपने चहेते और नज़दीकियों का मुख्यालय के विद्यालयों में स्थानांतरण किया गया कई विद्यालय शिक्षक विहीन कर दिया गया। सहायक आयुक्त कार्यालय जनजातीय कार्य विभाग के द्वारा अपने चहेते एमपी ऑनलाइन सेंटर को विभाग के द्वारा प्राप्त आईडी पासवर्ड फॉरवर्ड किया गया जिससे कमीशन का नया आय का स्रोत बना कार्यालय में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर का। विभाग के संबंधित अधिकारी के द्वारा अगर जांच की जाए तो निश्चित जांच में उजागर हो जाएगा कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार का किस शहर के एमपी ऑनलाइन सेंटर पर कार्यालय का आईडी पासवर्ड उपयोग किया जा रहा है किस कार्य के लिए और किसके द्वारा करवाया जा रहा है।
जिले के विकास के लिए हो रहे अनगिनत कार्यों में भ्रष्टाचार की रूपरेखा कमीशन के पेशेंट के साथ ही खत्म हो जा रहा है। कई ऐसे विभाग हैं जहां पर शासन के द्वारा राशियां तो एडवांस भेजी जा रही है लेकिन आज भी उन राशियों का बंदरबांट कर निर्माण कार्यों को सिर्फ फाइल और कागजी कार्यवाही करते हुए दफन कर दिया जा रहा है।
जिले के विकास के लिए शासन के द्वारा भेजे जा रहे राशियों में जिला खनिज विभाग से प्राप्त राशि मुख्य रूप से जिला खनिज विभाग कार्यालय के कोषालय में जमा रहता है। जिससे जिले के अंतर्गत किसी भी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत या जिला अंतर्गत शासकीय भवन, रोड या तालाब नहर यह किसी कार्य योजना के तहत स्वीकृत कर स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग के अंतर्गत किसी कमी को पूरा करने के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से प्राप्त राशि का उपयोग जिला विकासशील कार्य के लिए किया जा सकता है।
लेकिन शहडोल जिला के भ्रष्टाचार का इतिहास लिखा जाए तो पन्ने भी कम पड़ जाएंगे एक ऐसा ही मामला शहडोल जिला के कलेक्टर कार्यालय में संचालित जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से संबंधित हुए भ्रष्टाचार की जांच जिला प्रशासन अधिकारी से लेकर लोकायुक्त भोपाल कार्यालय के आदेश अनुसार जिला कलेक्टर के आदेश अनुसार जिला के अपर कलेक्टर महोदय और साथ में संबंधित अधिकारियों की टीम बनाकर की गई लेकिन जांच रिपोर्ट वही की वही रह गई संभागायुक्त महोदय के आदेश को भी धता बताते हुए जिला महोदय के द्वारा झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कर भिजवा दिया गया लेकिन सही जांच रिपोर्ट आज भी वहीं के वहीं कार्यालयों में दफन होते नजर आ रहे हैं। जबकि शहडोल संभाग अंतर्गत सांसद महोदया संभागायुक्त जिला प्रशासन के साथ तीन तीन विधायक कलेक्टर अपर कलेक्टर सहायक आयुक्त महोदय विधानसभा में भी प्रश्न उठाया गया लेकिन सभी नियम कानून निर्देशों को धता बताते हुए अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था के संचालक शिव प्रसाद पांडे शिक्षा माफिया के नाम से विख्यात शिव प्रसाद पांडे पांचवें वेतनमान एरियर राशि रुपए 8 करोड़ 32 लाख 91 हजार 309 रुपए राशि को बंदरबांट करते हुए अपने नजदीकी रिश्तेदारों और चहेतों को बांट दिए। लोकायुक्त भोपाल के द्वारा जांच आदेश पत्र को भी घुमाने का काम किया गया प्रभारी मंत्री के पत्र बाद लोकायुक्त जांच जिले के अपर कलेक्टर को अधिकारी बना कर टीम बनाई गई 5 सदस्यों वाली टीम के द्वारा जांच किया गया जांच रिपोर्ट में निकल कर आया पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एमएस अंसारी क्षेत्र संयोजक दोषी पाए गए हैं जिनके द्वारा तत्कालीन कलेक्टर को गुमराह कर अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे के साथ मिलीभगत कर कार्यरत कर्मचारियों के पांचवें वेतनमान एरियर राशि का फर्जी भुगतान किया गया।
उस जांच रिपोर्ट को भी आज तक लोकायुक्त भोपाल कार्यालय नहीं भेजा गया । क्या मैनेजमेंट और कौन है इस मैनेजमेंट का मास्टरमाइंड क्या अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिव प्रसाद पांडे भोपाल से लेकर दिल्ली तक रखते हैं अपनी पहुंच जिनके सामने जिला प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी नतमस्तक हैं जो सही जांच रिपोर्ट भेजने में असमर्थ हो रहे हैं।
