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एक वेंबा महिला ने बेटी के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन से लगाई गोहार।

 दहेज की कुप्रथा और नाजायज रिश्ते में नवविवाहिता को मिली  फांसी की सज़ा।

गरफदिया गांव बन रहा नवविवाहिता लड़कियों के लिए मौत का द्वार अभी संध्या नामक नवविवाहिता लड़की के चीता की राख ठंडी भी नहीं हुआ है। वहीं दूसरी नवविवाहिता अल्पना की दहेज और अवैध संबंध ने 17,12,2022 को ले ली बली। इससे पहले भी और घटनाएं हुए लेकिन यह दो घटनाएं घरवालों के साथ साथ समाज को भी झंझकोर कर रख दिया है ।अपने निजी स्वार्थ को पूरा सिद्ध करने के लिए नवविवाहिता की बलि चढ़ाई जा रही है।


रिपब्लिक न्यूज।

शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत धनपुरी थाना क्षेत्र ग्राम गरफदिया निवासी राकेश पाठक पिता रामनारायण पाठक के साथ दिनांक 24,6,2021 विवाह घर परिवार रिस्तेदार और परिवारिक समाज के द्वारा संपन्न कराया गया था शादी के पश्चात लगभग तीन माह से दहेज के मांग के लिए हमेशा नवविवाहिता लड़की को परेशान किया जाता रहा लेकिन नवविवाहिता पति और जेठानी को हमेशा समझा कर रखती थी अभी कुछ दिक्कत है मेरे मामा जी बोले हैं जैसे ही व्यवस्था होता है दहेज में जो कमी रह गई है उसको हम पूरा कर देंगे बस दो-चार महीने का समय दीजिए लेकिन पति और जेठानी के द्वारा 2 ,3 महीने भी सहन नहीं हुआ और नवविवाहिता लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट कर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना करने लगे और एक दिन ऐसा समय आया नवविवाहिता अल्पना दुबे दहेज की बलि चढ गई। 

नवविवाहिता के मामा ने बताया अल्पना और राकेश  शादी के 2 ,3 माह पश्चात ही दोनों के रिश्तो में दहेज की राशि और मोटरसाइकिल की मांग ने दूरियां बढ़ दिया था लेकिन नवविवाहिता ने अपने घर की मजबूरी को समझते हुए अपनी जिंदगी को राकेश के अत्याचारों को सहन कर चल रही थी लेकिन एक औरत कभी भी अपने सुहाग का बटवारा नहीं करती इस बात पर उसने अपने मौसी रानी से घर की कुछ बातें बताई इस पर नवविवाहिता के मामा ने फोन पर राकेश को समझाइश देते हुए अपने नव विवाहित जीवन को अच्छे से चलाइए पति पत्नी जीवन भर का संबंध होता है इन सभी शब्दों के साथ लड़की के मामा ने राकेश को समझाते हुए दहेज की मांग को भी पूरा करने का वादा किया। लेकिन जब राकेश अपने आदतों से बाज नहीं आया और अपने नाजायज रिश्ते को बढ़ाते हुए हदें पार करने लगा नवविवाहिता अल्पना अपने घर मैके चली गई।

लेकिन कुछ दिन पश्चात राकेश कुछ शर्तों के साथ अपने पत्नी अल्पना को लिखित और मौखिक मैं कह कर कि अब मैं अल्पना को अपने साथ अलग रखूंगा और अब कभी दहेज की मांग नहीं करूंगा और भाभी से भी दूर रखूंगा इन शब्दों के साथ राकेश बोलकर अल्पना को अपने घर गरफदिया ले आया। लेकिन राकेश अपने वादों से मुकर कर भाभी के साथ अपने नाजायज रिश्तो को फिर से अंजाम देने लगा और देवर भाभी ने मिलकर नवविवाहिता को मौत के घाट उतारकर फांसी पर लटका दिए।

 ऐसा ही एक मामला पहले भी गरफदिया निवासी रोनित नामक व्यक्ति के साथ संध्या गर्ग बरतरा निवासी लड़की की शादी हुआ था उसने भी 4 माह बाद फांसी लगाकर मौत को गले लगा ली क्या कारण है ऐसा क्या हुआ 4 साल की लव लाइफ चार महीने शादी के बाद मौत।

अब आर टी आई कानून निकालेंगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट जिसमें दफ़न है नवविवाहिता संध्या के मौत का राज।

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