संभाग की दोषी अधिकारी ने बचाया दोषी कर्मचारी को ।
जिले में बढ़ते जा रहे हैं भ्रष्टाचारी अधिकारियों की संख्या दिन-प्रतिदिन।
कमिश्नर- कलेक्टर और जांच अधिकारी कार्यवाही करने में सुन जबकि फर्जी भुगतान का जांच हुआ है सिद्ध।
सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी अनुसार लगभग 400 पेज की जानकारी अनुसार यह सिद्ध होता है पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त के द्वारा मिलीभगत करके अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को पांचवें वेतनमान एरियर राशि का 8 करोड़ 32 लाख 91000 रूपए का फर्जी भुगतान किया गया।
पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त का मैनेजमेंट है इतना विशाल कि संभाग के अधिकारी हो गए सुन।
कहां से आया नवजात शिशु मृत अवस्था में शव कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास (हॉस्टल) बाउंड्री वॉल के पास।
दोशियों के ऊपर क्यों नहीं किया जा रहा निलंबन और एफआईआर दर्ज करने कि कार्यवाही।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत हों रहें भ्रष्टाचार और अधिकारियों के कार्य शैली पर विधानसभा में उठेगा मामला पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त के द्वारा किया गया अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति को फर्जी भुगतान और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों के कार्यशैली पर जिनके द्वारा छात्रावासों में हो रहे लापरवाही का दोषियों को कैसे किया जा रहा है मैनेज क्यों नहीं हो रही है कार्यवाही क्या है अधिकारियों की कहानी कौन कर रहा है मैनेजमेंट का खेल किसका है खौफ की अधिकारी है कार्यवाही करने में सुन।
उपहार स्वरूप सफाई लेकर किया मामला रफा दफा आदिवासी लडकियों के अस्मिता का सवाल पिछले कई सालो से अधिक्षीका के साथ प्रभारी प्राचार्य करते थे देख - रेख। छात्रावास के चलते बनारखें थे कई भोपाल के अधिकारियो से सम्बन्ध।
जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली पर भी उठ सकता है सवाल।
जिला शिक्षा अधिकारी के साथ रमसा प्रभारी भी जाया करते थे हॉस्टलों मैं जायजा लेने वहां पर क्या कार्य हो रहा है, क्या गतिविधियां है, क्या है व्यवस्थाएं , कैसे बनता है भोजन छात्राओं के लिए ,कैसे हैं वहां का व्यवस्था , मेनू अनुसार बन है बालिकाओं का भोजन शासन के द्वारा उपलब्ध कराई गई राशियों का सही से हो रहा है उपयोग या दुरुपयोग।
जिला अंतर्गत बुढार थाना क्षेत्र लालपुर स्थित सोन नदी में रेत का अवैध खनन कारोबार जिसमें शामिल संबंधित थाना और जिला प्रशासन अधिकारी।
