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शासकीय कर्मचारी तीन संतानों के पिता बन कर बैठे प्रभारी अधिकारी।

 शासकीय लोक सेवक कर्मचारी और तीन तीन संतान कि उठा रहे जिम्मेदारी। 

तीन संतान होने के बावजूद भी कर रहे हैं नौकरी सरकारी और प्रशासन जान कर भी अनजान बन कर बैठे मौन अधिकारी।



रिपब्लिक न्यूज।

शहडोल// मुख्यालय के कई कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारी हैं जिनके द्वारा दो दो शादी किया गया है और तीन तीन संतानों का पालन पोषण किया जा रहा है।

एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिले के विकासखंड सोहागपुर के अंतर्गत कन्या धनपुरी संकुल केन्द्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय चीफ हाउस में पदस्थ शिक्षक  नंदी लाल कोल तीसरी संतान होने के बाद भी शासकीय कर्मचारी शिक्षक है इसके बाद भी शासकीय सेवक के पद पर कार्य कर रहे हैं । जबकि मध्य प्रदेश शासन के आदेश अनुसार नियमानुसार यह नियम है कि शासकीय लोक सेवक की तीन संतान नहीं होनी चाहिए इसके बाद में इनकी तीन संतान होने के बाद भी शासकीय कर्मचारी शिक्षक पद पर सेवा दे रहे हैं । जबकि सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग शहडोल के द्वारा इन्हें शो कॉज नोटिस भी दिया जा चुका है । इसके बाद भी सहायक आयुक्त कार्यालय से सांठगांठ करके अपना कार्य कर रहे हैं।

जबकि इसके पहले भी विवादित की श्रेणी में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। जबकि इनके ऊपर बीएलओ का भी प्रभार कार्य हैं इसके बाद भी अपने मनमाने रवैया से बाज नहीं आ रहे हैं।

विशेष सूत्रों से सुना है कि नंदी लाल कोल की शिकायत इसके पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। इसके बाद भी अपनी सांठगांठ करने में बड़े ही शातिर एवं चालाक प्रवृत्ति के शिक्षक हैं जिन पर प्रशासन का किसी भी प्रकार से अंकुश नहीं है । देखा जाए तो इन के विरुद्ध पूर्व में कई मामले शिकायत के रूप में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। जिस पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है । शासन द्वारा जो नियम बनाए जाते हैं उनके कर्मचारी ही इस तरह तोड़ देते हैं जिसका उदाहरण हमारे पास आया है मामला है तीसरी संतान होने का। शासन द्वारा भले ही समय-समय पर नियम और कायदे कानून बनाए जा रहे हैं, लेकिन उनका पालन कराना सबसे बड़ी समस्या है, और सबसे बड़ी समस्या तब है जब इन नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिनके ऊपर हो, वह ही इन नियमों को दरकिनार करते हुए शासन के नियमों की खुले तौर पर धज्जियां उड़ रहे हों। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है लेकिन प्रकाश में आए मामले को गंभीरता से अधिकारी मैडम कुछ नही कर रही है, जिसमें एक नियमित शिक्षक के द्वारा शासकीय सेवा में रहते हुए तीसरी संतान को जन्म दिया है। जबकि शासन के नियमों के अनुसार यह विधि नियम-विरुद्ध है। 

इस मामले में सबसे खास बात यह है कि उक्त शिक्षक द्वारा अपनी सेवा पुस्तिका में तीसरी संतान का उल्लेख नहीं किया गया है..।

अगर स्थानीय अधिकारी जांच नहीं करते हैं तो सीएम हेल्पलाइन पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

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