प्रदेश में कई ऐसे कारनामे लोगों की नजरों में आ जाते हैं, जो मीडिया की लिस्ट में शामिल हो जाता हैं। कभी किसी की कलाकारी ट्रेंड करने लगती है तो कभी किसी की अजीब हरकत लोगों का ध्यान खींच लेती है।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // ऐसा ही एक खबर प्रदेश के जिले शहडोल से आ रही है जहां के कारीगरों ने ऐसा निर्माण कराया है जिसे देखकर शासन के द्वारा बनाए गए मापदंड को दरकिनार करते हुऐ ग्राम पंचायत के सरपंच पदस्थ सचिव रोजगार सहायक सचिव ग्रामीण उपयत्री संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आर ई एस ईई मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ही हो जाते हैं शासन।
एक मामला प्रकाश में आया है प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में हो रहे निर्माण कार्य नाडेप सोकता लीच पिट शहडोल जिले में कई ऐसे ग्राम पंचायत है जहां निर्माण कराया गया नाडेप,सोकता ,लीच पिट का जिसे आप देखकर दंग रह जाएंगे। इस की तस्वीर देख सोशल मीडिया पर लोग खूब हंस रहे होंगे इस अजीबो गरीब निर्माण कार्य को देखकर आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
ओ डी एफ ग्राम पंचायत।
दुसरा मामला भारत सरकार ने शौचालय के उपयोग के लिए कई तैयारियां की इसके लिए जरूरतमंद परिवार को शौचालय बनाने के लिए सरकार की तरफ से भी प्रोत्साहन राशि दी गई है। लेकिन प्रदेश में जिले के कई गांव के सरपंच सचिव के कारीगरों ने ऐसा शौचालय बनाया जिसे शायद ही कोई इस्तेमाल करना चाहेगा। या उसका उपयोग किया जा रहा है सोशल मीडिया के माध्यम से इस टॉयलेट का डिजाइन देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं सभी संबंधित लाभान्वित हितग्राही के साथ ग्राम वासी।
सरपंच सचिव रोजगार सहायक सचिव के कारीगरों ने एक ही नाडेप में दो दीवार बना कर साइन बोर्ड लगाई है, उनके बीच कोई दीवार भी नहीं है। इसी प्रकार से सोखता लीच पिट निर्माण कराया जा रहा है निर्माण होने के कुछ देर बाद ही उसकी सीमेंट से अलग हो गई।
इस अजीबोगरीब निर्माण कार्य का स्थान भी गायब है । इसके निर्माण की लागत सुनकर सभी के होश उड़ गए किसी भी के लिए इस बात पर यकीन करना आसान नहीं था कि इसे बनाने में बीस हजार और पन्द्रह हजार रुपए खर्च किए गए हैं।
इस तरह मनमानी रवैया से किया गया निर्माण कार्यों से क्या जिला प्रशासन में पदस्थ अधिकारी अंजान हैं।
बिना नए निर्माण के सार्वजनिक स्थानों पर नाडेप सोकता लीच पिट का निर्माण कराने वाले अधिकारियों से जिला प्रशासन ने रिपोर्ट नहीं मांगा है ।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बिना मामले की जांच किए ही भुगतान फाईल पास कर दिए है। नए निर्माण कार्यो की फोटोग्राफी के बिना भुगतान नहीं किया जा सकता है। फिर कैसे पुराने निर्माण कार्यों का भुगतान नए निर्माण कार्यों के नाम पर सभी निर्माण कार्यों का भुगतान किया जा रहा है। और वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
जयसिंह नगर जनपद पंचायत अंतर्गत ऐसा ही एक मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत उचेहरा के पुलिया निर्माण कई वर्ष पुराने अधूरे पुलिया निर्माण कार्य पर नए कार्य का रंग रोपण कर नए पुलिया निर्माण कार्य की राशि डकार लेने का ग्राम वासियों ने आरोप लगाया है। पूर्व में किए गए भुगतान का भी जिक्र आया है अधूरे निर्माण कार्य का भुगतान पूरा किया गया था।
पूर्व सरपंच सचिव के द्वारा जिस पर उपयंत्री की मिलीभगत रहा है। और ऐसा ही कारनामा है अभी नए सरपंच पदस्थ सचिव और संबंधित उपयंत्री के मिलीभगत से उसी पुराने पुलिया को पुनः नया निर्माण कार्य का रंग रोपण कर शासन के राशि का बंदरबांट किया जा रहा है।
विकास के नाम पर पिछले वर्ष का पुर्ण है भुगतान फिर भी ग्राम पंचायत जमुनिहा में अधुरा पड़ा है नाली निर्माण का कार्य।
यही है एसडीओ गोस्वामी का भ्रष्टाचार इतिहास कार्य।
जिले के ऐसे कई ग्राम पंचायतों में पुराने निर्माण कार्यों के नए निर्माण कार्यों के नाम की राशि का बंदरबांट किया गया है ।
अगले अंक में प्रकाशित होगा ग्राम पंचायतों के साथ जनप्रतिनिधियों और संबंधित एस डी ओ, उपयंत्री, पदस्थ सचिव, रोजगार सहायक सचिव के नाम।

