देश, प्रदेश शिक्षा के मंदिरों पर एक गुरु जी शिक्षक नहीं एक अशिक्षित स्वरूप शिक्षक व्यक्तियों की भर्ती पदस्थापना होते देखा जा रहा है। कई विद्यालयों में कहीं गुरुजी और अतिथि शिक्षकों के कई प्रकार से विवादित टिप्पणियां सुनने को मिल रहा है। वहीं कई विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा दरिंदों जैसा व्यवहार छात्रों के साथ करने की घटनाएं सुनने को मिल रहा है।
कुछ जगह के शासकीय विद्यालय पर शिष्य और गुरु के एक ऐसे संबंध की घटना यह चर्चाएं सुनने को मिलता है। जो दिल को दहला देने वाला सच होता है। उस समय क्या ऐसा हुआ होगा यह सोच कर व्यक्तियों के होश उड़ जाते हैं कि आज के जमाने में बस यही रह गया है। आज शिक्षा नहीं सिर्फ व्यापार और उस व्यापार का भुगतान जिस पर मुझे मिले प्रभार मेरे से बढ़कर है कौन।
विद्यालयों में राज्य शासन के द्वारा कई प्रकार की राशियां भेजी जाती है बच्चों के हितार्थ के लिए जिसमें विद्यालयों के रखरखाव के अलावा बच्चों के खेलकूद की सामग्री भी खरीदी जाती है। जिससे छात्रों के शिक्षा का विकास होने के साथ-साथ शारीरिक विकास भी उतनी ही जरूरी है। उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए जिससे छात्र तंदुरुस्त और स्फूर्ति में रहे।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत एक ऐसा ही मामला जिले के सोहागपुर जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत खैरहा संकुल के अधीन विद्यालय सामतपुर ग्राम पंचायत के विद्यालय में पदस्थ शिक्षक रामलाल बुनकर का एक अनैतिक व्यवहार और छात्र छात्रों के प्रति सुनने को मिल रहा है। जबकि ऐसा आज नहीं कई बार कई दिनों से महीनों बीत जाने के पश्चात जब उनके व्यवहार में किसी प्रकार से तब्दीली परिवर्तन नहीं आई ।
जब साहस का हुआ अंत।
ग्राम पंचायत के शासकीय विद्यालय में पदस्थ रामलाल बुनकर का आदतों में सुधार नही हुआ। तब वही के एक प्रतिष्ठित नागरिक ने पदस्थ शिक्षक रामलाल बुनकर के नाम जद सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय व्यक्ति ने राम लाल बुनकर के ऊपर कुछ आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है शासकीय शिक्षक रामलाल बुनकर के द्वारा बच्चों के साथ अनैतिक व्यवहार किया जा रहा है जिसमें गाली गलौज के साथ कई प्रकार से अनैतिक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट भी किया जाता है। जबकि पदस्थ शिक्षक रामलाल बुनकर का विद्यालय में स्वयं समय निर्धारित नहीं है पहुंचने का कितना समय आए कितना समय चले गए। इस बात की जानकारी सभी ग्राम वासियों को है। साथ में वहां पर पढ़ने वाले सभी छात्र- छात्राओं को है। लेकिन विभाग के संबंधित अधिकारी अंजान हैं।
जिले के सभी विधालय क्षेत्र के शिक्षक महोदय के अनुसार ही चल रहा है।
महोदय को अपने अर्जन कार्य से मतलब है विद्यालयों में कौन कितना समय आ रहा है जा रहा है क्या कार्यों की टूटियां हैं किस प्रकार मध्यान कार्य बन रहा है मीनू क्या है क्या मीनू के आधार पर मध्यान भोजन बन रहा है और कैसे बनाया जा रहा है।
छात्रों के लिए बनने वाला मध्यान भोजन कच्चा है कि पका है आज कमी क्या है छात्राओं के भोजन में शिक्षक महोदय सिर्फ विद्यालय पर जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए हिदायत देकर आते हैं। कि अब मैं दोबारा यहां नहीं आऊंगा देख लेना संकुल केंद्र जानकारी लेकर जाना है। तत्काल आदेश हुआ जानकारी उपलब्ध कराओ मरता क्या न करता वहां के पदस्थ शिक्षक शासकीय कर्मचारी जो बहुत बड़े अधिकारी का आदेश मानकर तुरंत संकुल केंद्र पहुंचकर जानकारी उपलब्ध कराता है।
अगले अंक में प्रकाशित होगा दो दो पत्नी तीन तीन संतानों और फर्जी शिक्षकों के नाम मुख्यालय के किस विद्यालय में हैं नाम।
जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है मध्यान भोजन और शाला प्रबंधन समिति पदस्थ शिक्षक के द्वारा खरीदे गए सामग्रियों की बहुत जल्द होगा खुलासा।
