शासकीय सेवक कर्मचारी होने के बाद भी तीन संतानों के जन्म दाता होना और दो दो बीवी होने की बात साबित होते नजर आ रहे है शिक्षक।
जिला मुख्यालय के कई कार्यालयों में पदस्थ शासकीय कर्मचारी शिक्षक, बाबू, उपमंत्री, के साथ साथ कई जगहों के अधिकारियों के पास दो दो पत्नियां और तीन तीन संतानें हैं जो शासन के नियम अनुसार 26 जनवरी 2001 के बाद जिस भी शासकीय कर्मचारी के पास दो पत्नी और तीन संताने हैं उनको तत्काल उनके पद से हटाकर निलंबन की कार्यवाही किया जाए।
रिपब्लिक न्यूज।
शहडोल // मुख्यालय से एक ऐसा ही मामला जिला के सोहागपुर विकासखंड अंतर्गत धनपुरी कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय चीफ हाउस में पदस्थ शिक्षक नंदी लाल कोल का ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
दो पत्नी तीन संतानें एक पत्नी हों गई लापता विशेष सूत्र ?
विशेष सूत्रों के अनुसार यह भी जानकारी प्राप्त हुई है। कि शिक्षक नंदी लाल कोल शासकीय जमीन पर कब्जा करके अपना निजी निवास बनाकर रहते हैं । जबकि जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि शासकीय शिक्षक नंदी लाल कोल की पदस्थापना चीफ हाउस में है लेकिन बीएलओ के पद पर चिटुहला ग्राम पंचायत में कार्य कर रहे हैं।
जबकि नियम यह है की पदस्थापना जहां होता है वहीं पर बीएलओ का कार्य लिया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। तीन संतान के मामले में सेवा समाप्त करने जैसी बात भी मध्यप्रदेश शासन सेवा नियमावली पर लिखा हुआ है फिर भी इसके बाद इनके हौसले इस कदर बुलंद है।
शिक्षक महोदय का तानासाही मैं चाहे जो करु मैं चाहे वो करु फिल्म के गानों की तरह हिट हो गया है।
जबकि शिक्षक एक युग नए राष्ट्र का निर्माता और जिम्मेदार पद पर होता है जिनके हाथों पर कई छात्रों का भविष्य निर्धारित करता है।
जब एक शिक्षक ही अपने जिम्मेदार पदों पर कार्य करने से पीछे हटना एवं अनाधिकृत रूप से शासन की योजनाओं पर पलीता लगाने का अपनी भूमिका निभा रहे है। यह एक चरितार्थ होते नजर भी आ रहा है। आपको बता दें कि शिक्षक पूर्व से ही विवादित रह चुके हैं । हमेशा की तरह अनावश्यक रूप से शिक्षक अपने कार्यों पर उदासीनता दिखाई देते हैं।
शासन की योजना हम दो हमारे दो अभियान पर पलीता लगाने में अपनी भूमिका संपूर्ण रुप से निभाई है शिक्षक महोदय।
