मध्यप्रदेश में छात्रावास अधीक्षकों के तबादले को लेकर बड़ा आदेश।
7 वर्ष से अधिक समय से एक ही जगह जमे अधीक्षकों को हटाने का निर्णय।
उक्त आदेश जनजातीय कार्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के लिए हुआ आदेश लेकिन जिला में नहीं हो रहा।
रिपब्लिक न्यूज़।।
भोपाल मध्यप्रदेश राज्य शासन के निर्देश पर जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने प्रदेश के छात्रावास, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में 7 वर्ष से अधिक समय से एक ही जगह जमे अधीक्षकों को हटाने का निर्णय लिया है।
कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य, आदि भवन भोपाल द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक 1343732/2026 के अनुसार सभी संभागीय उपायुक्त और जिला संयोजकों को निर्देश दिए गए हैं।
शासन के क्या है आदेश में? जानकारी अनुसार शासन ने 16 मार्च 2015 के निर्देश के अनुसार अधीक्षक का कार्यकाल अधिकतम 3 वर्ष होना चाहिए, संतोषप्रद कार्य होने पर ही इसे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसके बावजूद कई जिलों में शिक्षक 7-7 साल से अधीक्षक के पद पर जमे हुए हैं।
शासन के निर्देश अनुसार विद्यालय संचालन समय को देखते हुए आयुक्त ने स्पष्ट किया है।
1. तत्काल हटेंगे प्रभार वाले अधीक्षक: जिन शिक्षकों का वेतन किसी अन्य संस्था से निकल रहा है और वे सिर्फ अधीक्षक का प्रभार देख रहे हैं, उन्हें तत्काल मूल संस्था में भेजा जाएगा।
2. e-HRMS पोर्टल से होंगे तबादले: 7 साल से अधिक समय से पदस्थ अधीक्षकों को 05 अक्टूबर से 07 अक्टूबर 2026 के बीच e-HRMS Portal पर अनिवार्य रूप से 15 विकल्पों के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन नहीं करने पर विभाग अपने स्तर से तबादला करेगा।
3. एक छात्रावास - एक अधीक्षक: किसी भी अधीक्षक के पास एक से अधिक संस्था का प्रभार नहीं रहेगा। 7 वर्ष पूरा कर चुके अधीक्षक को दोबारा किसी दूसरे छात्रावास का प्रभार नहीं दिया जाएगा।
4. रिक्त पदों पर भर्ती: दूसरे चरण में 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2026 तक खाली हुए अधीक्षक पदों के लिए विभागीय शिक्षकों से e-HRMS पर आवेदन लिए जाएंगे।
विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को तय समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उक्त आदेश जनजातीय कार्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के परंतु आदेश का पालन जमीनी स्तर शहडोल जिले में नहीं हो रहा है
