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माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा दिए गए आदेशों की अवमानना, शिकायत कर्ता पहुंचा जनसुनवाई।।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिरिक्त प्रभार!

समाजसेवी अजय ने जनसुनवाई में उठाया बड़ा सवाल, प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर खड़े किए गंभीर सवाल।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय जिले के शिक्षा विभाग में कई वर्षों से पदस्थापना एवं अतिरिक्त प्रभार को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल सामने आया है। समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता अजय कुमार मोटवानी ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पुनः उपस्थित होकर कमिश्नर शहडोल संभाग को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा दिए गए आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारी को पद से नहीं हटाया गया, जिससे न्यायालयीन आदेशों की अवमानना की स्थिति निर्मित हो रही है।

जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, हाईकोर्ट जबलपुर में दायर WP 15342/2023 एवं RP 581/2026 में पारित आदेशों के तहत स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया गया कि अरविंद कुमार पाण्डेय की APC पद पर नियुक्ति प्रक्रिया “Bad in Law” अर्थात नियम विरुद्ध पाई गई तथा उन्हें ADPC का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को भी अनुचित माना गया। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी अब तक पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं।

समाजसेवी अजय मोटवानी ने आरोप लगाया कि न्यायालयीन आदेश दिनांक 17 फरवरी 2026 एवं पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद भी विभागीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि 17 फरवरी 2026 के बाद भी संबंधित अधिकारी द्वारा कई वित्तीय नोटशीटों एवं चेकों पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रियाओं की वैधता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया कि पूर्व में 21 अप्रैल 2026 की जनसुनवाई में भी इस मामले को उठाया गया था, किंतु अब तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अजय मोटवानी ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से प्रतिनियुक्ति एवं अतिरिक्त प्रभार से हटाकर उनके मूल पद पर भेजा जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

आवेदन में ग्वालियर जिले के एक पुराने प्रकरण का उल्लेख करते हुए यह भी बताया गया कि न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना करने पर पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारियों पर निलंबन जैसी कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में शहडोल के मामले में भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

जनसुनवाई में दिए गए इस आवेदन के बाद शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और न्यायालयीन आदेशों के पालन को लेकर क्या कार्रवाई सामने आती है।

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