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मनरेगा योजना के साथ पांचवें और चौदह पंद्रहवीं बित की राशि पर मनमानी भ्रष्टाचार।

जिला से ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि मंडल प्रधान राज’ या भ्रष्टाचार का जाल--⁉️

मनरेगा से नाली और सड़क के साथ साथ कई निर्माण कार्य में तकनीकी अधिकारी के मिली भगत से करोड़ों का बंदरबांट के आरोप--⁉️

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय जिला नगर के ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सोहागपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों के गांवों में इन दिनों विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार देखने को मिलेगा और कई गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। 

एक ग्राम प्रधान पर आरोप है कि उसने लंबे समय से विभिन्न योजनाओं के तहत भारी मात्रा में सरकारी धन निकाला, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास न के बराबर दिखाई दे रहा है।

 स्थानीय लोगों का कहना है कि कागजों में सड़क, नाली, निर्माण कार्य के साथ और भी अन्य निर्माण कार्य जैसे नाडेप, लीच पीट और सोखता निर्माण कार्य पूरे दिखाए गए हैं, जबकि हकीकत में या तो काम अधूरा है या हुआ ही नहीं। ग्रामीणों का आरोप है कि:मनरेगा नरेगा के तहत फर्जी मजदूर दिखाकर भुगतान निकाला गया सड़क और नाली निर्माण के नाम पर लाखों-करोड़ों की धनराशि हड़पी गई। जिसमें कई पुराने कार्यों को नया दिखाकर दोबारा भुगतान लिया गया स्थानीय विशेष सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा खेल काफी समय से चल रहा है और इसमें सिर्फ एक गांव ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में इसी तरह का पैटर्न देखने को मिल रहा है।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि अगर जनपद स्तर पर सभी प्रधानों के कार्यकाल और खर्चों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो बड़े स्तर पर घोटाले का खुलासा हो सकता है।एक ग्रामीण ने कहा“कागजों में करोड़ों का विकास दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत में गांव आज भी बदहाल है। 

आखिर पैसा गया कहां इस पूरे मामले ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मांग उठ रही है कि संबंधित ग्राम प्रधान के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल सोहागपुर ब्लॉक क्षेत्र में विकास के नाम पर चल रहे इस कथित भ्रष्टाचार ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करते हैं या फिर मामला यूं ही दबा दिया जाएगा।

शेष ख़बर आगे।

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