Top News

अधीक्षिका की लापरवाही बरतने पर छात्रावास से छात्रा हुईं लापता।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय जिला के सोहागपुर विकास खण्ड के कंचनपुर स्थित कन्या शिक्षा परिसर में हुई गंभीर लापरवाही के बाद संबंधित विभाग जनजातीय कार्य विभाग ने अब छात्रावासों को किले में तब्दील करने का मन बना लिया है। उपायुक्त जेपी यादव ने जिले के सभी छात्रावासों के लिए ब्लैक एंड व्हाइट फरमान जारी कर दिया है। अब सगे माता-पिता, भाई या बहन के अलावा किसी भी गैर व्यक्ति का साया भी विद्यार्थियों के आसपास दिखा, तो सीधे अधीक्षकों की कुर्सी जाएगी।

कंचनपुर कांड से जागा विभाग

विगत दिनों एक अधीक्षक द्वारा छात्रा को अनजान व्यक्ति के साथ भेज देने की अक्षम्य गलती ने विभाग की साख पर बट्टा लगा दिया था। इसी को देखते हुए अब नियम पत्थर की लकीर बना दिए गए हैं। हर विद्यार्थी के परिजनों की फोटो, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर वाली प्रोफाइल पंजी तैयार होगी। परिजन आएंगे तो उन्हें भी सीसीटीवी की निगरानी में हीं बैठने दिया जाएगा। बिना फोन कॉल और घर पहुंचने की पुष्टि के किसी को भी

छुट्टी नहीं मिलेगी।

शराब पीकर आए कर्मचारी तो खैर नहीं उपायुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि कन्या छात्रावासों में पुरुषों का पहरा बर्दाश्त नहीं होगा, वहां केवल महिला कर्मचारी ही तैनात होंगी। सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ऊंची बाउंड्री वाल का जाल बिछाया जा रहा है। सबसे सख्त हिदायत शराब को लेकर है, यदि कोई भी कर्मचारी या अधीक्षक नशे की हालत में परिसर में मिला, तो वैधानिक कार्रवाई तय है। वहीं पढ़ाई में खलल रोकने के लिए विद्यार्थियों के मोबाइल रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बाहरी जमावड़ा होगा साफ, गश्त करेगी पुलिस छात्रावासों, विशेषकर कन्या छात्रावासों के बाहर मजमा लगाने वाले मनचलों और अवैध गुमटी संचालकों की अब शामत आने वाली है। विभाग ने पुलिस प्रशासन से समन्वय कर हॉस्टलों के पास गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 

अधीक्षकों को छात्रावास में ही रहना होगा उपायुक्त।

संबंधित विभाग उपायुक्त ने साफ कर दिया है कि अधीक्षकों को मुख्यालय पर ही डेरा डालना होगा, रिमोट कंट्रोल से छात्रावास चलाना अब गुजरे जमाने की बात हो गई है। लापरवाही की जरा भी गुंजाइश पर सीधे निलंबन की गाज गिरेगी।

Previous Post Next Post