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शासकीय विद्यालय परिसर से शौचालय लापता।

हाई स्कूल सीधी में शौचालय नहीं, छात्र छात्राओं को हो रही परेशानी शासन से मांग।

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल मुख्यालय जिला के जयसिंहनगर जनपद पंचायत क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल विद्यालय परिसर में शासन की मंशानुसार देश भर के प्रत्येक शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता को बनाए रखने के लिए हर घर शौचालय तो निर्माण कराकर निश्चित ही वाहवाही वर्तमान सरकार ले रही है,लेना भी चाहिए क्यों कि आज वास्तव में स्वच्छता के मामले में काफी जागरूकता आई है और आज हर घर शौचालय बनाकर उपयोग भी किए जा रहे हैं जिस कारण बाहर का वातावरण साफ व स्वच्छ दिखाई देता है।फिर भी कहते हैं न कि *आवश्यकता अविष्कार की जननी है* सरकार तो वर्तमान समय में लोगों को स्वच्छता का संदेश देकर पूर्णरूपेण जागरूक कर दिया है इसी जागरूकता के कारण आज हर घर शौचालय के निर्माण हुए हैं व उपयोग भी किए जा रहे हैं किन्तु एक तरफ आवश्यकताओं की पूर्ति होती है दूसरी आवश्यकता सामने आ जाती है।कहते हैं कि *शौचालय नहीं तो मंदिर नहीं* घर में शौचालय हो और विद्या के मंदिर में शौचालय न हो ऐसी स्थिति में विद्यालय के नौनिहाल बच्चे यदि खुले में शौंच करेंगे तो उनके वातावरण में क्या प्रभाव पड़ेगा जो विचारणीय प्रश्न है।

जिले के विकासखंड जयसिंहनगर क्षेत्रांतर्गत हाई स्कूल सीधी में शौचालय की अनुपस्थिति छात्रों और शिक्षकों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। स्कूल में लगभग 300 छात्र- छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधा की कमी से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाई स्कूल स्तर के बालक बालिका बड़े होते हैं जब भी इन्हें विद्यालयीन समय में बाथरूम के लिए बाहर जाना होता है तो शौचालय न होने की स्थिति में विद्यालय के बाहर दीवालो की आड़ लेकर नित्य क्रिया करने पर मजबूर होते हैं।जबकि *आओ इसका पता लगाए* की तर्ज पर जिला स्तर पर एयर कंडीशन में बैठे विभागीय अधिकारियों को जानकारी के बाद भी कुंभकरण की नीद जैसे सोते हुए इस बात की चिंता नहीं है कि क्या अभी भी ऐसे विद्यालय हैं जहां पर आवश्यकतानुसार शौचालय या भवन होना चाहिए का पता लगाया जाय, ऐसा नहीं क्योंकि *मस्त रहो मस्ती में आग लगे बस्ती में* जब कोई मामला फंसेगा तब सब शासन प्रशासन अवश्य जागेगा,जबकि जिस विद्यालय की बात की जा रही है वहां विगत कई वर्षों से 10वी, 12वी की बोर्ड परीक्षाएं भी आयोजित होती हैं फिर भी ऐसे विद्यालय में स्वच्छता के नाम पर साफ व सुंदर शौचालय की सुविधा नहीं है।इस बात की जानकारी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य से ली गई तो बताया गया कि “हमने अपने स्तर से बस्ती विकास मद से बालक बालिका शौचालय निर्माण कार्य का प्राक्कलन सहित जमा कर कई बार अपने स्तर से जानकारी लिखित एवं मौखिक दी है लेकिन अभी तक शौचालय बनाने का कोई समाधान नहीं मिला।छात्रों को बाहर जाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।” आने वाले फरवरी माह से 10वी, 12वी की बोर्ड परीक्षाएं भी हैं। यद्यपि आश्वासन मिला हुआ है समय आने पर अति शीघ्र शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।

ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी शासन की है मांग* ग्रामीणों व अभिभावकों सहित भाजपा अंत्योदय प्रकोष्ठ के जिला संयोजक बीरेंद्र पाण्डेय ने भी अपने पत्र के माध्यम से सहायक आयुक्त से हाई स्कूल सीधी में शौचालय का निर्माण कार्य कराए जाने और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाने का अनुरोध किया है ताकि कोई भी बालक एवं बालिका खुले में बाथरूम के जाने के लिए मजबूर न हो जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से यह अपील की जाती है कि इस मामले को संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द कार्रवाई करें, ताकि छात्रों को सम्मानजनक शिक्षा एवं व्यवस्था का माहौल मिल सके।

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