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शहडोल मुख्यालय जिला के शासकीय पंडित शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत, पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलगुरु जी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संकाय अध्यक्ष, जीवविज्ञान डॉ. प्रवीण शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. ममता प्रजापति, सहायक प्राध्यापक, रसायन शास्त्र विभाग रही। जिन्होंने पर्यावरण में प्लास्टिक के बढ़ रहे प्रदूषण एवं उनके दुष्परिणाम के बारे में विद्यार्थियों को बताया, साथ ही पेड़ पौधों के साथ मित्र की तरह व्यवहार करने की सलाह दी। विशेष वक्ता के रूप में डॉ. हरबंस लाल मरावी, विभाग अध्यक्ष, एम.बी.ए. विभाग रहे, जिन्होंने जीवन काल में पेड़ पौधों के उपयोग एवं उसकी अत्यधिक विनाश के कारण होने वाले दुष्परिणाम से विद्यार्थियों को अवगत करवाया। व्याख्यान पश्चात पौधारोपण कार्यक्रम विश्वविद्यालय की नवलपुर परिसर में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई।
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संचालन, डॉ. उमा सिंह विभाग अध्यक्ष वनस्पति शास्त्र द्वारा किया गया। अतिथियों का आभार प्रदर्शन डॉ. हेमंत पाठक, सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु अंजलि तिवारी, अमन साकेत, स्मिता गुप्ता, बुद्ध सिंह टेकाम और राजेश केवट ने सहयोग प्रदान किया।
विश्विविद्यालय में संपन्न हुईं युवा उत्सव 2025-26 की विश्वविद्यालयीन अंतर कक्षा प्रतियोगिताएं।
पं. शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल में आयोजित युवा उत्सव 2025- 26 के अंतर्गत तृतीय दिवस पर विश्वविद्यालय के सभागार में अंतर कक्षा विश्वविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताएँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं, युवा उत्सव की संयोजिका प्रो. मनीषा तिवारी एवं सह-संयोजक डॉ. गंगाधर ढोके के निर्देशन में विद्यार्थियों ने तृतीय दिवस गायन, वादन और नृत्य कौशल से अपनी प्रस्तुतियां दीं। एकल गायन (शास्त्रीय) एकल गायन (सुगम) एकल गायन (पाश्चात्य) समूह गायन (भारतीय) समूह गायन (पाश्चात्य) शास्त्रीय एकल वादन (परकुसन) शास्त्रीय एकल वादन (नॉन-परकुसन) जैसी प्रतियोगियों की संयोजिका– डॉ प्रज्ञा यादव, सदस्य- डॉ. शुभम यादव, संजीव द्विवेदी, कृष्णा साहू और शिवांश द्विवेदी मौजूद रहें। कार्यक्रम की अगली कड़ी में एकल नृत्य के प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियां संयोजिका- डॉ. ज्योति सिंह सदस्य - डॉ. मुनीश सिंह नेगी, डॉ. मौसमीकर, मुनीश सिंह नेगी डॉ.सिद्धिश्री सिंह के संयोजन में कलात्मक रूप से प्रस्तुत की। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की सृजनात्मकता और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। निर्णायक मंडल में अशोक अग्निहोत्री, राजकुमार साहू, और हिमांशु मिश्रा रहे। तीन दिवसीय इस उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने वाद-विवाद, प्रश्नमंच, रंगोली, पेंटिंग, नाटक, गायन और नृत्य जैसी विविध प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। युवा उत्सव न केवल प्रतियोगिता है, बल्कि यह रचनात्मकता, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का माध्यम है के लक्ष्य के साथ सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति प्रो. गीता सराफ, विशेष उपस्थिति
डॉ धानी जामोद, डॉ. संगीता धुर्वे, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक गण, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
