पशु तस्कर बल्लू उर्फ वालिद ने पत्रकारों पर माहवारी लेने का लगाया आरोप , श्याम तिवारी ,चंदन केवट ,विनय उपाध्याय और घनश्याम शर्मा के नाम का किया खुलासा।
पशु तस्कर बल्लू उर्फ वालिद ने बताया नेताओं के साथ-साथ पत्रकार और पुलिस प्रशासन भी है शामिल।
पशु तस्कर अपने जमात के पत्रकार और शामिल लोगों के नाम छुपाया।
रिपब्लिक न्यूज़।।
शहडोल// मुख्यालय के तीनों जिला में पशु तस्करी को लेकर पर्दा उठ गया अनूपपुर जिला के सरगना पशु तस्कर बल्लू उर्फ वालिद एवं मोहित सिंह की गिरफ्तारी से पशु तस्करों की कमर टूट गई। लेकिन बल्लू उर्फ वालिद ने प्रशासन के समक्ष एवं मीडिया के सामने जो बयान दिए उससे पूरा पत्रकार जगत स्तब्ध है एवं शर्मिंदा है।
बल्लू उर्फ वालिद ने कोतमा से श्याम, चंदन, विनय और अमलाई से घनश्याम का नाम पशु तस्करी में सहभागिता होने की बात कही पशु तस्कर ने अपने बयान में कहा कि उपरोक्त पत्रकार मुझसे प्रति माह में तीन से ₹ पांच हजार की राशि लेते थे और मेरे इस पशु तस्करी में अपनी सहभागिता निभाते थे। यदि यह राशि मेरे द्वारा नहीं दी जाती तो मुझे गाड़ी पकड़वाने एवं खबरे वायरल करने की धमकी देते थे बल्लू उर्फ वालिद के इस बयान से सारा पत्रकार समाज शर्मिंदा है।
पशु तस्करों को लेकर आए दिन खबरें वायरल होती रहती थीं किंतु प्रशासन और चौथा स्तंभ कहे जाने वाले की सह पर पूरा पशु तस्करी का कार्य चल रहा था, तीनों जिला में जिस गति से पशु तस्करी का कार्य जोर शोर से चल रहा था निश्चित तौर पर कानून के लिए एक बड़ा सवाल था पुलिस की कार्यवाही संदेह के घेरे में आ गई थी किंतु पुलिस एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पशु तस्करी को लेकर जो कार्यवाही की उससे पशु तस्करों में तांडव मच गया।
लेकिन पुलिस विभाग ने कई ठिकानों पर पशु तस्करी के वाहनों पर धावा बोला और कई गाड़ियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल हुई जिससे पशु तस्करों की कमर टूट गई।
अंततः जिला के सबसे बड़े पशु तस्कर बल्लू उर्फ वालिद पर भी आरोप आया और फिर एफ आई आर दर्ज की गई। जिस पर पुलिस ने छापा मार कार्यवाही की और बल्लू और मोहित सिंह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।
रेत तस्करी के मामले में पैसे की डिमांड को लेकर पत्रकार घनश्याम शर्मा के साथ कंचनपुर में मारपीट की घटना हुई थी मामला थाने में जाकर कंप्रोमाइज पर सेटल हुआ था और अब पशु तस्करी में पशु तस्कर के साथ संलिप्तता में पत्रकार घनश्याम शर्मा का नाम आना पत्रकारिता जगत को शर्मिंदा कर रहा है ऐसे में पत्रकार संगठन को भी आगे आकर ऐसे पत्रकारों का बहिष्कार करना चाहिए।
पशु तस्कर बल्लू उर्फ वालिद ने जीन पशु तस्करों का नाम लिया है क्या वह वाकई में पैसा लेते थे यह बल्लू के फोन और पत्रकारों के फोन नंबरों से सहेजा जा सकता है ऐसे में सवाल यह होता है कि क्या पुलिस प्रशासन इन पत्रकारों पर भी कार्यवाही करेगा या या फिर मौन बैठेगा
लेकिन जिस प्रकार से पशु तस्कर बल्लू उर्फ वालिद ने पत्रकारों पर कीचड़ उछाला है उसे साफ करना ना मुमकिन के बराबर है जिले में और ऐसे मामले हैं जहां पर पत्रकारों की यह गंदी करतूत चल रही है अभी भी समय है पत्रकारों को संभलने का और समझने का पत्रकार प्रशासन का चौथा स्तंभ है जनता के विश्वास का प्रतीक है और इस तरह के खबर आने से निश्चित तौर पर पूरे पत्रकार जगत शर्मिंदा हुआ।