पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय बना IIT रुड़की का रिमोट सेंटर, फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए हुआ एमओयू।
रिपब्लिक न्यूज़।।
शहडोल मुख्यालय शिक्षा और तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल ने प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के साथ फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू (MOU) साइन किया है। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय को IIT रुड़की का आधिकारिक रिमोट सेंटर घोषित किया गया है।
इस साझेदारी का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों और शोधार्थियों को मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकी विषयों में प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस पहल के अंतर्गत IIT रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा डिज़ाइन किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अब शहडोल में ही उपलब्ध कराया जाएगा।
इस उपलव्धि पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो राम शंकर ने बधाई देते हुए कहा -यह सहयोग न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि शहडोल जैसे क्षेत्र को भी तकनीकी शिक्षा के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा
कोऑर्डिनेटर की भूमिका में डॉ. रचना दुबे
इस प्रतिष्ठित पहल के लिए डॉ. रचना दुबे, सहायक प्राध्यापक, पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय को कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। वे इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन, समन्वय और संचालन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। डॉ. दुबे ने बताया,"यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि हम IIT जैसे संस्थान के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग प्रोग्राम्स का हिस्सा बन रहे हैं। इससे हमारे क्षेत्र के शिक्षकों, छात्रों और शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक ज्ञान और प्रशिक्षण का सीधा लाभ मिलेगा।"
तकनीकी विकास की दिशा में बड़ा कदम
यह एमओयू मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की पहल पर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आई सी टी अकादमी, IIT रुड़की के माध्यम से संपन्न हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने हेतु शिक्षकों और तकनीकी पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है।
पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 अप्रैल से
इस साझेदारी के तहत पहला फैकल्टी विकास कार्यक्रम(FDP) “साइबर अपराध जांच में मशीन लर्निंग का अनुप्रयोग: एक व्यवहारिक दृष्टिकोण” पर आधारित है, जो 14 से 19 अप्रैल 2025 तक शहडोल विश्वविद्यालय परिसर में हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा।
इस उपलव्धि पर कुलसचिव प्रो आशीष तिवारी एवं विश्वविद्यालय परिवार हर्ष व्यक्त किया है
