शासकीय विद्यालय में बैठकर जाम छलकते शिक्षक।
नियम निर्देशों को धाता बताते वरिष्ठ शिक्षक।
अगले अंक में प्रकाशित खबर विद्यालय और शिक्षक के साथ।
किस शासकीय विद्यालय में पदस्थ है शराबी शिक्षक।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // शासकीय विधालय में एक स्लोगन लिखा होता हैं सर्व शिक्षा अभियान सब पढ़े सब बढ़े। मगर यह स्लोगन कितना सही है यह सभी को पता है। विधालय में बैठे शिक्षक इस स्लोगन की धज्जियां उड़ानें में कोई कसर नही छोड़ते हैं। शिक्षक और विद्यालय में पदस्थ वरिष्ठ शिक्षक खुलेआम बैठकर शराब पी रहे है और शराब का व्यवसाय करने वालो को खुली छूट देकर रखे हैं। जो विद्यालय में शराब की बाटल पहुंचने का काम करते हैं।
सोशल मीडिया में एक शासकीय शिक्षक बैठकर शराब पीने की महफ़िल लगाकर बैठा है। यह शासकीय शिक्षक कौन है, विद्यालय के इस वायरल फोटो में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि हम नही कर रहे हैं। यह शासकीय शिक्षक की फोटो कर रही है। हाथ में बाटल लेकर बैठें हैं और इस तरह मर्यादा को तार तार करना कहा तक उचित है।
विद्यालय के किस कक्ष में जाम छलकाते बैठे है वरिष्ठ शिक्षक।
इस शासकीय कर्मचारी ने जो शिक्षा जगत पर काला दाग लगाया है वह किसी भी क्लीनर से भी नही धुल पायेगा। एक तो विभाग और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सबसे पहले जिम्मेदार होता है और नागरिकों को सही तरीके से कानून का पालन करने के साथ ही शांति व्यवस्था और अपराधों में लगाम लगाने की जिम्मेदारी होती है। लेकिन इन दिनों शहडोल जिला के शासकीय शिक्षकों के अजीब कारनामे अब खुलेआम देखने को मिल रहे हैं। यहां जिला मुख्यालय के कई ऐसे होटल और दुकान है जहां पर शिक्षक स्वयं बैठकर अपना आई कार्ड पहने खुलेआम जाम छलकते हुए नजर आ रहे हैं। और बात यह भी है कि जिला मुख्यालय से सटे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय निवासी छोटे-मोटे दुकान संचालित करते हैं और उन दुकानों में इन दिनों लगातार अवैध तरीके से शराब की बिक्री की जा रही है। वही शराब बिक्री को कुछ बीट प्रभारी पुलिस द्वारा लगातार संरक्षण भी दिया जा रहा है।
पुलिस और विभाग प्रशासनिक कुछ विशेष वर्दीधारी तो ऐसे लोगो को अभय दान देकर रखे हैं और उसी दुकानों से शराब लेकर खुलेआम जाम छलका रहे हैं।
पुलिस प्रशासन पर उठ रहे सवाल।
इन दिनों विभाग और पुलिस प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं जबकि कुछ पुलिसकर्मी अपने आसपास के क्षेत्र में जाकर अवैध शराब बिक्री को संरक्षण देने के साथ ही वहां पर बैठकर शराब पीते हुए नजर आ रहे हैं। ड्यूटी टाइम पर पुलिस गुमटियों में बैठकर जाम छलकाते हुए नजर आते हैं। पुलिस की इस तरह की हरकतों के कारण अब अवैध शराब का कारोबार बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस के संरक्षण में अवैध शराब विक्रेता आ जाता है तो वह सुरक्षित रहता है अन्यथा उसके ऊपर कार्यवाही की जाती है।
खुलेआम शराब की बिक्री को मिल रहा संरक्षण।
मुख्यालय के जिला अनुपपुर के आसपास मुख्य मार्ग ओपीएम और चचाई मुख्य मार्ग समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम शराब की बिक्री की जा रही है और वहीं पर बैठकर शराब पिलाने का कार्य भी किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है बल्कि थाना पुलिस के कुछ पुलिसकर्मी इन ठिकानों पर अपनी सेटिंग जमाये हुए हैं वहीं कुछ तो ऐसे हैं कि कमीशन लेने के साथ ही वहीं पर बैठकर शराब भी पीते नजर आ रहे हैं। ऐसे में इस तरह की गतिविधि पुलिस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर जिम्मेदार इस तरह की गतिविधि पर चुप्पी क्यों साध रखे हैं।
देशभक्ति जनसेवा के नाम पर दाग।
पुलिस प्रशासन कानून और शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए होता है लेकिन अगर पुलिस ही कानून की धज्जियां उड़ाने लग जाये तो फिर कानून व्यवस्था कैसे चलेगी। जिले में कुछ पुलिस वर्दी पहने हुए खुलेआम जाम छलकाते हुए नजर आते हैं। वही कुछ थानों में पदस्थ पुलिसकर्मी खुलेआम शराब पी रहे हैं और वर्दी पर दाग लगा रहे हैं।
