ट्रेडर्स संचालक की मनमानी देखने के लिए पक्का बिल बनाते हैं लेकिन उपभोक्ताओं को थमा रहे हैं कच्चा बिल।
दुकानदार कि मनमानी पक्का बिल देने में ग्राहकों से होती है आना कानी कि कहानी।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल मुख्यालय जिला के बुढ़ार थाना क्षेत्र राम जानकी मंदिर के पास रेलवे मार्केट में संचालित अनाज की दुकान उमेश ट्रेडर्स के संचालक उमेश खटीक के द्वारा उपभोक्ताओं को मनमाने तरीके से पहले तो पक्का बिल का लालच देकर उपभोक्ताओं को अपनी ओर आकर्षित करके सामग्री प्रदान कर दी जाती है और उन्हें जब उनके घर पर होम डिलीवरी करना होता है तो उन्हें कच्चा बिल थमा दिया जाता है आपको बता दें उमेश ट्रेडर्स संचालक अपने इस मनमाने रवैया से एक चीज और जाहिर करते नजर आ रहे हैं सामग्री मिलावटी एवं सामग्री अनूपउपयोगी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराना इनके फितरत में है।
मध्य प्रदेश शासन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (19566धारा 1बी /एफ/3/1/क) के अंतर्गत किसी भी उपभोक्ता को यदि आपके दुकान से यदि सामग्री विक्रय की जाती है तो उसे दुकान की सामग्री विक्रय का प्रपत्र / बिल उपभोक्ता को पक्का बिल देना अनिवार्य होता है लेकिन उपरोक्त संचालक के द्वारा अपने उपभोक्ता को सामग्री मिलावटी कर उपभोक्ताओं को थमा देते हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पता चला है कि यदि इनकी दुकान से गेहूं या चावल लिया जाए तो गेहूं में कंकण या चावल में सफेद कंकण रिवाज निभा रहे हैं।
संचालक उमेश खटीक के द्वारा घुन लगने वाले सामग्री जैसे गेहूं, चावल, चना, एवं अन्य मे कंकण जैसी मिलावट में की जा रही मिलावट जहां उपभोक्ताओं के लिए हानिकारक होती है, वहीं यह मिलावट करने वाले व्यापारियों की ओछी मानसिकता को भी दर्शाती है। मात्र अपने लाभ के लिए कुछ लोग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाते है। मिलावट करने वाले बेईमान प्रकृति के व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु वैसे तो कई कानून बने हुए है और सूचना मिलने पर इनके विरुद्ध पुृलिस द्वारा कार्रवाई की भी जाती है परन्तु फिर भी उपभोक्ताओं को मिलावट के प्रति सतर्क रहना चाहिये। यहां मिलावट के सामान्य तरीके बताए जा रहे हैं जो बेईमान व्यापारियों द्वारा अपनाये जाते हैं ताकि उपभोक्ता इस जानकारी के सहारे सतर्क रह सकें और खाद्य पदार्थ में मिलावट पाये जाने पर सम्बन्धित विभाग और अधिकारी को इसकी शिकायत कर सकें। ताकि मिलावट करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई संभव हो सके।
अनाज और दालें कंकड़, पत्थर, कूड़ा-करकट कजरा आदि की मिलावट तो एक आम बात है। परन्तु कुछ व्यापारी गेहूं में कीड़ा लगे गेहूं का मिश्रण भी कर देते हैं अथवा झुर्रियां पड़े और सिकुड़े गेहूं का मिश्रण भी मिलावट की श्रेणी में आता है क्योंकि इन दानों का लसलसा पदार्थ कम हो जाता है और इनसे पीसा गया आटा कम और हल्की गुणवत्ता का होता है। उक्त जो गेहूं का आटा बेचती है गेहूं में हल्की गुणवत्ता के सस्ते चावलों का मिश्रण भी कर देते हैं।
दालों में भी दालों के रंग में रंगे पत्थरों की मिलावट एक आम बात है परन्तु अच्छी गुणवत्ता की दालों में हल्की गुणवत्ता की दालों और कृत्रिम रंगों जैसे मैटानिल यैलो और टारट्रेजीन आदि का मिश्रण भी किया जाता है। अरहर की दाल में केसरी दाल की मिलावट से उपभोक्ता परिचित है। केसरी दाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है।
चावल अच्छी क्वालिटी के चावलों में वैसे ही दिखाई देने वाले हल्की क्वालिटी के चावलों की मिलावट की जाती है। टेरीकॉट हल्की क्वालिटी के चावलों की ऐसी किस्म है जो देखने में उच्च गुणवत्ता के चावलों जैसी ही दिखाई देती है।
विशेष सूत्रों अनुसार प्राप्त जानकारी ग्राहकों ने मिलावटी खाद्य की जानकारी दुकान दार को उपलब्ध कराई तो संचालक ने भड़कते हुए कहने लगा, मैं सामान की बोरी को खुलवा कर देख लेता हूं जैसा मुझे आसान लगता है उसे हिसाब से मैं मिश्रण करते हुए। उपभोक्ताओं को बेच देता हूं मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता है मैं इसी प्रकार से काम करूंगा आप कौन होते हैं बोलने वाले संचालक उमेश ट्रेडर्स उमेश खटीक का कहना है।
संबंधित विभाग से इस बारे में जानकारी चाहिए गई लेकिन संबंधित विभाग में पदस्थ अधिकारियों से बात नहीं हो सकी।
