एमपी में बड़ा फैसला, प्रदेशभर के पटवारी-आरआई जांच के घेरे में, 16 अफसरों को भी नोटिस।
राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेशभर के पटवारी और आरआई को भी जांच के घेरे में शामिल कर लिया है।
शहडोल में भी वर्षों से जमे R I और पटवारियों की संपत्ति की जांच हो तो निकलेंगे करोड़ों की संपत्ति के मालिक।
रिपब्लिक न्यूज।।
भोपाल // मध्यप्रदेश राज्य में इस समय नर्सिंग का महा घोटाला सुर्खियों में छाया हुआ है। इस घोटाले में अब राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश भर के सभी पटवारी और आरआई को भी जांच के घेरे में शामिल कर लिया है।
घोटाले में पटवारी और आरआई की भूमिका की जांच की जा रही है। इतना ही नहीं, प्रदेश के 16 अफसरों को तो नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
नर्सिंग घोटाले में मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। इसके बाद मामले में पटवारी और आरआई की भूमिका की जांच की राजस्व विभाग ने तैयारी शुरू की। कुछ नर्सिंग कॉलेज किराए के भवन में चलते पाए गए और कुछ कॉलेज बहुत छोटे हैं। पटवारी और आरआई ने ऐसे कॉलेज कैसे ओके कर दिए, इसकी जांच की जाएगी।
मामला कॉलेज भवन का ले आउट, नियमानुसार जमीन का क्षेत्रफल आदि की रिपोर्ट तैयार करके स्वीकृति देने का दायित्व पटवारी और आरआई का ही था। यही कारण है कि पटवारी और आरआई द्वारा जारी रिपोर्ट की जांच कराकर घोटाले में इनकी भूमिका की पडताल की जा रही है। सभी कॉलेजों की जमीन का सीमांकन भी कराया जाएगा।
जांच दलों में डिप्टी कलेक्टरों को प्रभारी बनाया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग से दिए गए नोटिस का उत्तर नहीं देने वाले अधिकारियों को स्मरण पत्र भेजे जा रहे हैं।
सूत्रों अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक इससे पहले जांच दल में सदस्य के रूप में शामिल 111 लोगों को नोटिस भेजा गया है।