शासकीय पशु चिकित्सा के द्वारा किया जा रहा इलाज।
डोर-टू-डोर जाकर पशुओं का किया जा रहा ईलाज।
पशुओं के बीमार होने पर टोल फ्री नं. 1962 पर करें सूचित।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // मुख्यालय कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में उप संचालक पशु पालन एवं डेयरी विभाग जिला शहडोल डॉ. उमेश कुमार मिश्रा ने जानकारी दी है कि पशुओं के ईलाज के लिए शहडोल जिले के 05 विकासखण्डों एवं मुख्यालय में 07 चलित पशु चिकित्सा वाहन उपलब्ध है।
जिसमें एक पशु चिकित्सक एवं एक पैरावेट होते है। उन्होने बताया कि पशुओं के बीमार होने पर पशु पालक सुबह 07:00 बजे से शायं 05:00 बजे तक टोल फ्री नं. 1962 पर सूचित कर सकते है। उन्होंने बताया कि पशुओं के बीमार होने पर पशु पालक द्वारा सूचना दी जाती है, जिसका रजिस्ट्रेशन नं. संबंधित विकासखण्ड के पशु चिकित्सा इकाई के पशु चिकित्सक के पास आ जाता है और वो संबंधितों के घर में सुबह 09 बजे से शायं 05 बजे तक घर पहुंच चिकित्सा सेवा प्रदान करते है, इसके लिये शासन द्वारा बड़े पशुओं जैसे गाय,भैस, घोड़ा का प्रत्येक पशु 150 रूपये एवं छोटे पशु 01 से 10 बकरी/भेंड़ तक 150 रूपये शुल्क लिया जाता है, जिसकी रसीद पशु चिकित्सक द्वारा दी जाती है।
इसी कडी में आज पशुओं के बीमार होने की सूचना मिलने पर विकासखंड सोहागपुर के ग्राम जुगवारी, चौरी, मिठौरी, विकासखंड गोहपारू के ग्राम सेमरा, बेला, जयसिंहनगर के कुबंरा, ब्यौहारी के ग्राम देवराव, वार्ड नं.1 ब्यौहारी , बुढार के पैराबहरा, जैतपुर सहित अन्य ग्रामों में डोर-टू-डोर जाकर पशुओं का ईलाज किया गया। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा चलित मानव चिकित्सा सेवा 108 की तर्ज पर चलित पशु चिकित्सा उलब्ध कराई गई है।
