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इस महा घोटाले में कौन है जिम्मेदार किसके मिली भगत से किया गया यह भ्रष्टाचार।

इस महा घोटाले का मास्टर माइंड लेखापाल शाखा में पदस्थ बाबू निकला।

लाखों रुपए स्वयं और अपनी पत्नी के नाम जमा किए।

इस महा घोटाले में कौन है जिम्मेदार।

 

रिपब्लिक न्यूज।।

शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत जिला प्रशासन में भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। इससे पहले बहुत चर्चित भ्रष्टाचार शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के पांचवें वेतनमान ला एरिया राशि का महा घोटाला जिसमें शामिल रहे पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त एस अंसारी और जिला कौशल अधिकारी के मिली भगत से करोड़ों रुपए का फर्जी तरीके से संस्था के खाते में भुगतान किया गया।

जिले का दूसरा मामला जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिले में संचलित स्मार्ट क्लास बू निकला राशि हालत ने का मास्टरमाइंड संग के साथ पत्नी के खाती में राशि किए फर्जी तरीके से ट्रांसफर।

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय मे पदस्थ लेखापाल जालसजी करते हुए लगभग दो दर्जन स्वास्थ्य कर्मचारियो के टीए,डीए एवं रियर्स के लगभग चालीस लाख रुपए फर्जीवाड़ा करते हुए डकार गया। रीवा स्थित कोष एवं लेखा विभाग की जांच मे इस जालसजी का खुलासा हुआ है। मामला सामने आने के बाद अब जालसाज लेखापाल फरार हो गया है।

 जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय शहडोल मे सत्येंद्र चक्रवर्ती लेखापाल के रूप मे पदस्थ है, जबकि उसकी पत्नी शहरी क्षेत्र शहडोल मे ही एएनएम है। उक्त लेखापाल ने जालसाजी करते हुए स्वास्थ्य विभाग मे पदस्थ करीब 22 स्वास्थ्य कर्मियों का वर्ष 2018 से अब तक का टीए , डीए, एवं एरियर्स राशि के लगभग 40 लाख रुपए जालसाजी करते हुए अपने एवं अपनी पत्नी के खाते मे ट्रांसफर करा लिए। बीते दिनों ज़ब लेखापाल की जालसाजी को रीवा स्थित कोष एवं लेखा विभाग के वरिष्ठ कर्मचारियों ने पकड़ी तो उनके कान खड़े हो गए। जिसके बाद वहां से इस मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह सीएमएचओ कार्यालय शहडोल पहुंचे।

सीएमएचओ डॉ. एके लाल को जानकारी देते हुए जांच पड़ताल शुरू की गई। सीएमएचओ ने जिला कलेक्टर को इस मामले की जानकारी देने के साथ ही कोतवाली थाने में इस जालसाजी मामला की सूचना दर्ज कराई। बताया गया है कि 6 साल में बाबू के द्वारा लगभग 40 लाख रूपए से अधिक राशि स्वयं व पत्नी के खाते में ट्रांसफर किया गया है। 

जैसे ही मामला सामने आया उसके बाद संबंधित बाबू फरार बताया जा रहा है। 

कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सीएमएचओ ने जानकारी दी है, हमने कहा है कि विभागीय स्तर पर जांच कर रिपोर्ट हमें प्रेषित करें, तत्पश्चात आगे कानूनी कार्यवाही कार्रवाई की जाएगी। बाबू ने पत्नी और अपने खाते में पैसे ट्रांसफर किए है।

स्वयं और पत्नी के नाम के खातों पर भेज रहा था राशि। 

जांच उपरांत पता चला है कि कर्मचारियों के वेतन का बिल लगाए जाने के दौरान आरोपी लेखापाल सत्येंद्र चक्रवर्ती कर्मचारी का नाम तो सही लिखता था, लेकिन बैंक का खाता नंबर कर्मचारियों के स्थान पर स्वयं का या पत्नी के नाम का बैंक खाता नंबर डालकर मोबाइल नंबर भी फीड कर देता था। इससे ओटीपी उसी मोबाइल में आने के बाद खाता अपडेट हो जाता था और जिससे वेतन की राशि को ट्रांसफर कर लिया करता था।

वही इस पूरे मामले में विभाग के संबंधित और जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टरों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि रीवा कोषालय की टीम जांच करने आई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी।

इस मामले की जानकारी जिला के उच्च अधिकारियों के साथ साथ जिला पुलिस प्रशासन विभाग को भी दी गई है।

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