भ्रष्टाचार बनाम शिक्षा विभाग।
मुख्यालय के शिक्षा विभाग कार्यालय में भ्रष्टाचार के नए-नए कारनामे।
शासन को करोड़ों रुपए का चुना लगाने में संबंधित विभाग में पदस्थ अधिकारी, कर्मचारी।
संबंधित विभाग के अधिकारी और सदस्य कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए का बंडल व्हाट करने में हो रहे सक्षम।
रिपब्लिक न्यूज।।
शहडोल // मुख्यालय अंतर्गत आए दिन भ्रष्टाचार के कारनामे सामने आ रहे हैं, भ्रष्टाचार के नए-नए आयाम प्रतिदिन जिला मुख्यालय के शिक्षा विभाग कार्यालय में खासकर सुनने को मिल रहा है कई विद्यालयों में मध्यान भोजन की कार्य योजना भ्रष्टाचार की बाली चढ़ाई जा रही है तो कहीं विद्यालय के भावनाओं का अपूर्ण निर्माण तो कहीं विद्यालय के खरीदी सामग्रियों का महा घोटाला।
जिले के बहु चर्चित मामला पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग रिटायर्ड एम एस अंसारी क्षेत्र संयोजक जिनके द्वारा अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र जयसिंहनगर में संचालित लगभग आठ संस्था इस अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति में कार्यरत कर्मचारियों के पांचवें वेतनमान की राशि 8 करोड़ 32 लाख 91309 रुपए के भुगतान के संबंध में सहायक आयुक्त और जिला कोषालय अधिकारी इन दोनों के मिलीभगत से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक को लाभ पहुंचाने के लिए संस्था के खातों में पांचवें वेतनमान एरियर राशि का भुगतान किया गया। जबकि यह राशि कार्यरत कर्मचारियों के प्रत्येक खातों पर करना था अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था पांडे शिक्षा समिति के संचालक शिवप्रसाद पांडे के मिली भगत सहभागिता से शिवप्रसाद पांडे के सभी रिश्तेदारों के खातों पर अत्यधिक रुपए का भुगतान किया गया और वास्तव में जो करत कर्मचारी थे उनके कई कर्मचारियों के खाते में भुगतान पांचवें वेतनमान ऐड राशि का नहीं किया गया जिसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में की गई लोकायुक्त कार्यालय से जिला कलेक्टर को पत्राचार किया गया की जांच कराई जाए इस माह घोटाला भ्रष्टाचार की जांच में साबित होने के उपरांत भी पदस्थ कलेक्टर के द्वारा आज तक सही जांच रिपोर्ट लोकायुक्त कार्यालय भोपाल नहीं भेजी गई जिससे यह साबित होता है कि इस महा घोटाला भ्रष्टाचार में किन-किन अधिकारियों का हाथ और सहयोग है।
एक ऐसा ही मामला जिले में संचालित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से स्मार्ट क्लास संचालित करने के लिए लगभग 8 करोड रुपए की सामग्री खरीदी गई जो सामग्री आज नए वर्जन के कीमत की है पुराने वर्जन के सिस्टम की सामग्री खरीद कर नए रेट नए वर्जन के हिसाब से अधिकारियों के मिलीभगत से भुगतान किया गया जांच भी ऐसे अधिकारियों से कराई गई जिनका स्वयं सिस्टम कंप्यूटर की जानकारी दूर-दूर तक नहीं था ऐसे अधिकारियों से जांच कर कर सही रिपोर्ट जिला कलेक्टर के साथ-साथ उच्च कार्यालय भोपाल भेजी गई।
अभी यह दोनों मामला चल ही रहा था कि जिले में संचालित कन्या महाविद्यालय की प्रचार के द्वारा करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति का महा घोटाला सामने उजागर हुआ जांच में देसी पाए गए संबंधित प्रचार अभी भी अपने साफ सुथरा छवि का परिभाषा बताते हुए बयान बाजी कर रहे हैं कलेक्टर कार्यालय में उच्च अधिकारी के सामने सवाल जवाब के उपरांत जांच में भी दोषी पाई गई प्राचार्य छात्रवृत्ति महा घोटाले में संलिप्त पाई गई है।
विभागीय संबंधित विशेष सूत्र अनुसार प्राप्त जानकारी जिला पंचायत कार्यालय में शासन के द्वारा आवंटित बजट राशि का वंडर व्हाट का महा घोटाला भी सामने आ रहा है जिसे आज तक किसी के सामने नहीं लाया गया है।
पशु एवं देरी विभाग के द्वारा करोड़ों रुपए के शेड निर्माण और बकरी पालन योजना का वंडर व्हाट कर ठंडा बस्ती पर दफना दी गई।
कुक्कुट विभाग में करोड़ों रुपए की मुर्गी होगया कार्यालय शेड्स में दफन।